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फिरोज सैफी/जयपुर।
राज्य की अशोक गहलोत सरकार में मंत्रिमंडल फेरबदल का काउंट डाउन शुरू हो चुका है। नवंबर माह में कभी मंत्रिमंडल फेरबदल हो सकता है। जयपुर से लेकर दिल्ली दरबार तक मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट है। दिल्ली में डेरा डाले रहे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के दौरे से इन अटकलों को और बल मिला है।
विश्वस्त सूत्रों की माने तो मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने वाले चेहरों पर मंथन चल रहा है। मंत्रिमंडल विस्तार में पांच नए मंत्रियों को मौका मिलने की बात कही जा रही है। इसमें बसपा से आए विधायकों में से दो लोगों को मंत्रिमंडल में शामिल करने की चर्चा चल रही है। वहीं सीएम गहलोत अपने विश्वस्त विधायकों को भी मंत्रिमंडल में लाना चाहते हैं।
बताया जाता है कि मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर गहलोत की पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से भी चर्चा हो चुकी है। हालांकि मंत्रिमंडल विस्तार के लिए सोनिया गांधी की हरी झंडी का इंतजार है।
माना जा रहा है कि सोनिया गांधी जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार को हरी झंडी देंगी। वहीं मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबगाहट के बीच मंत्रिमंडल में जगह पाने के लिए कांग्रेस के कई विधायक अपने-अपने राजनीतिक आकाओं के जरिए लॉबिंग में जुटे हैं।
कुछ मंत्रियों की हो सकती है छुट्टी
जानकारों की माने तो मंत्रिमंडल विस्तार में कुछ मंत्रियों की छुट्टी किए जाने की चर्चा है। ये वे मंत्री हैं जिनके कामकाज मुख्यमंत्री अशोक गहलोत प्रसन्न नहीं है। इसके अलावा एक-दो मंत्रियों का प्रमोशन भी हो सकता है, इन्हें राज्यमंत्री से कैबिनेट में लाया जा सकता है। सत्ता के गलियारों में चर्चा ये भी है कि तीन या चार मंत्रियों के विभाग भी बदले जा सकते है।
बसपा विधायकों की होगी सोनिया से मुलाकात
कांग्रेस के गलियारों से छन-छन कर आ रही खबरों की माने तो मंत्रिमंडल विस्तार से पहले बसपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए 6 विधायकों की जल्दी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात कराई जा सकती है। बसपा से आए सभी 6 विधायक सोनिया गांधी के समक्ष कांग्रेस की सदस्यता लेंगे। उसके तुरंत बाद मंत्रिमंडल विस्तार कर इन विधायकों में दो विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी।
Published on:
03 Nov 2019 05:00 am
