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यहां पहली बार घोड़ी पर बैठकर धूमधाम से निकली लाडो की बिंदोरी, देखने उमड़ा पूरा गांव

विवाह समारोह में बेटों की तरह ही अब बेटियों को भी घुड़चढ़ी की रस्म निभाने की परंपरा ट्रेंड कर रही है। ऐसा ही नजारा मौजमाबाद के लोरडी गांव में देखने को मिला।

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जयपुर/ मौजमाबाद। विवाह समारोह में बेटों की तरह ही अब बेटियों को भी घुड़चढ़ी की रस्म निभाने की परंपरा ट्रेंड कर रही है। ऐसा ही नजारा मौजमाबाद के लोरडी गांव में देखने को मिला। शांतिलाल गंगवाल ने शादी से पहले अपनी दो बेटियों को बेटे की तरह घोड़ी पर बैठकर धूमधाम से बिंदौरी निकाली।

वर्तमान में बेटियों के प्रति समाज में जागृति आई हैं। अब बेटियों को भी बेटों के समान समझा जाने लगा हैं। जो देश व समाज के लिए अभिनव पहल हैं। ऐसा ही बेटा-बेटी समानता का सन्देश कस्बे के गंगवाल परिवार ने दिया। जिसमें सीमा और पूजा गंगवाल को घोड़ी पर बैठाकर गाजे-बाजे के साथ बिंदोरी निकाली।

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भाई सोनू ने बताया कि बिटिया की बिंदोरी निकालने का एक मात्र उद्देश्य समाज में बेटा-बेटी के भेद को मिटाकर समानता का सन्देश देना हैं। बिंदोरी में सहेलियों, भाई बहनों, परिवारजनों सहित रिश्तेदारों ने नाचकर खुशियां मनाई। इस प्रकार के कार्यक्रमों से समाज में जागृति आती हैं, और बेटा-बेटी समानता के वातावरण का निर्माण होता हैं। इस दौरान कई जनप्रतिनिधि और अधिकारियों समेत समाज के लोग मौजूद रहे।

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