24 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Gold Prices : शादियों के सीजन में सोने का हर दिन नया रिकॉर्ड, 59 हजार के करीब पहुंचा

सोना एक सुरक्षित ठिकाना माना जाता है और अक्सर अनिश्चितता और मंदी, अर्थव्यवस्था में मंदी के समय में निवेश को आकर्षित करता है।

2 min read
Google source verification
Gold Prices: शादियों के सीजन में हर दिन नया रिकॉर्ड बना रहे है सोने के दाम

Gold Prices

सोना एक सुरक्षित ठिकाना माना जाता है और अक्सर अनिश्चितता और मंदी, अर्थव्यवस्था में मंदी के समय में निवेश को आकर्षित करता है। यहीं कारण है कि देश ही नहीं विदेशों में भी सोने के दाम नया रिकॉर्ड बना रहे है। शादी ब्याह वालों की मांग के कारण भी कीमतें अब तक के उच्चतम स्तर पर कारोबार कर रही हैं। सर्राफा एसोसिएशन के एक शीर्ष अधिकारी के अनुसार सोने की कीमतें जल्द ही 60,000 रुपए प्रति दस ग्राम तक पहुंचने की उम्मीद है, जो मंगलवार को 58,400 रुपए प्रति दस ग्राम तक पहुंच गई है। साने के दामों में तेजी का एक कारण यह भी है कि निवेशक लगातार खरीदारी कर रहे हैं, क्योंकि अगर रूस-यूक्रेन युद्ध और गंभीर हो जाता है तो मंदी के साथ-साथ महंगाई ऊपर की ओर जारी रहती है तो सोना और ऊपर पहुंच जाएगा।

यह भी पढ़ें : जल्द निपटा लें जरूरी काम, चार दिन बंद रहेंगे बैंक

2023 में 64,000 तक जा सकते हैं दाम

पिछले एक महीने में सोना 1800 से 1880 डॉलर के दायरे में कारोबार कर रहा है। यूएस फेड के रेट में कमी की संभावना से मिले संकेतों से सोने की कीमतों को 1850 से 1880 डॉलर पर पहुंचने में मदद मिली है। आर्थिक अनिश्चितता के बीच आरबीआई जैसे दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों ने सोने का भंडार बढ़ाया है। केंद्रीय बैंकों की तरफ सोने की खरीदारी बढ़ाने के कारण सोने की कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है।

यह भी पढ़ें : ऐतिहासिक ऊंचाई पर पहुंचे सोने के दाम, शादियों के सीजन में लोगों को झटका

भारत में सोने की मांग और खपत ज्यादा

गौरतलब है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा सोने का आयातक देशों में है। मुख्य रूप से आभूषण उद्योग की मांग को पूरा करने के लिए सोने का आयात किया जाता है। मात्रा के हिसाब से भारत सालाना 800 से 900 टन सोने का आयात करता है। फिलहाल, घरेलू बाजार में दस ग्राम सोने का भाव 58,400 रुपए के पार चल रहा है। निवेशक फिर से सोने में निवेश को फायदे का सौदा मान रहे हैं। यहीं कारण है कि सोने के आयात के साथ ही फिजिकल सोने और गोल्ड ईटीएफ में निवेश बढ़ा है।