
भारतीय सर्राफा बाजार में शनिवार 31 जनवरी 2026 को जो हुआ है, उसने दशकों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। सोने-चांदी की कीमतों पर वैश्विक बाजारों में 'हड़कंप' की स्थिति के बीच सोने के भाव 18 हज़ार जबकि चांदी के भाव 44 हज़ार तक टूट गए हैं। वहीं राजस्थान के जौहरी और आम जनता 1 फरवरी को आने वाले यूनियन बजट 2026 की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं।
भारतीय निवेशकों के लिए शनिवार, 31 जनवरी 2026 की सुबह किसी झटके से कम नहीं रही। वैश्विक स्तर पर अमरीका में केविन वॉर्श को फेडरल रिजर्व का नया अध्यक्ष नियुक्त किए जाने की खबरों ने कमोडिटी बाजार को हिला कर रख दिया है। वॉर्श को एक सख्त नीति समर्थक माना जाता है, जिससे डॉलर इंडेक्स में अचानक उछाल आया और वैश्विक स्तर पर सोने-चांदी की कीमतों में 'फ्री-फॉल' यानी बड़ी गिरावट शुरू हो गई, जिसका असर भारत में भी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर महसूस की गई। यहां एक ही दिन में कीमतों में 10% से 15% तक की गिरावट देखी गई।
राजस्थान, जो अपनी पारंपरिक ज्वेलरी और भारी सोने की खपत के लिए जाना जाता है, आज 'वेट एंड वॉच' की स्थिति में है। जयपुर के सर्राफा बाजार में 31 जनवरी की सुबह 11:23 बजे तक जो आंकड़े सामने आए, वे ऐतिहासिक हैं।
जयपुर में शनिवार 31 जनवरी को 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव ₹1,62,453 प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जो एक दिन पहले शुक्रवार 30 जनवरी के मुकाबले ₹18,583 की रिकॉर्ड गिरावट है। इसी तरह से 22 कैरेट (जेवराती सोना) भी गिरकर ₹1,48,915 पर पहुँच गया। शादी-ब्याह के सीजन में इस गिरावट ने उन परिवारों को राहत दी है जो पिछले कई महीनों से बढ़ते दामों के कारण खरीदारी टाल रहे थे।
चांदी ने तो गिरावट के सारे रिकॉर्ड ही ध्वस्त कर दिए हैं। जयपुर में रिटेल चांदी ₹3,29,152 प्रति किलो दर्ज की गई, जो एक दिन में ₹44,688 की भारी गिरावट है।
| शहर | 22K गोल्ड (₹/10gm) | 24K गोल्ड (₹/10gm) | चांदी (₹/kg) |
| जयपुर | ₹1,48,915 | ₹1,62,453 | ₹3.29 लाख |
| जोधपुर | ₹1,48,700 | ₹1,62,100 | ₹3.27 लाख |
| उदयपुर | ₹1,48,800 | ₹1,62,250 | ₹3.28 लाख |
| कोटा | ₹1,48,650 | ₹1,62,050 | ₹3.26 लाख |
जयपुर ज्वेलर्स एसोसिएशन के सदस्य मनीष खुंटेटा के अनुसार, चांदी की कीमतों में इस अस्थिरता का एक बड़ा कारण चीन है। चीन ने हाल ही में चांदी के एक्सपोर्ट पर कड़े प्रतिबंध लगाए हैं ताकि वह अपने घरेलू सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) उद्योग को बचा सके। वहीं चांदी का कोई सीधा खनन नहीं होता, यह अन्य धातुओं का 'बाय-प्रोडक्ट' है। इसी तरह से सौर ऊर्जा, एआई (AI) प्रोडक्ट्स और ईवी बैटरी में चांदी की खपत 20% सालाना की दर से बढ़ रही है, जबकि उत्पादन स्थिर है।
1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना 9वां बजट पेश करेंगी। राजस्थान के ज्वेलरी उद्योग ने सरकार के सामने कुछ प्रमुख मांगें रखी हैं, जिनमें
विशेषज्ञों का मानना है कि लॉन्ग टर्म में सोना और चांदी अभी भी 'सुरक्षित निवेश' हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार, 'घर में रखा सोना-चांदी हमेशा सुरक्षा देता है। जो लोग निजी इस्तेमाल या शादी के लिए खरीदना चाहते हैं, उनके लिए यह 'डिप' यानी गिरावट खरीदारी का एक सुनहरा अवसर है। हालांकि, निवेशकों को बजट के दिन होने वाले कर बदलावों का इंतजार करना चाहिए, क्योंकि एक छोटी सी घोषणा कीमतों को और 2-3% नीचे ला सकती है।
Updated on:
31 Jan 2026 02:20 pm
Published on:
31 Jan 2026 02:19 pm
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