
आंगनबाड़ी केन्द्र में बच्चे। फाइल फोटो पत्रिका
Good News : राजस्थान के लिए खुशखबर। आंगनबाड़ी केन्द्रों से निकलने वाले बच्चों को अब सीधे किसी भी स्कूल में पहली कक्षा में प्रवेश मिल सकेगा। आंगनबाड़ी में मिलने वाली प्रारंभिक शिक्षा नर्सरी, एलकेजी व यूकेजी के जैसे मान्य होगी। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने इसे मान्यता दे दी है। अब बच्चों को प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ईसीसीई) प्रमाण पत्र दिया जाएगा। वहीं बच्चों की अपार (एपीएएआर) आइडी भी बनेगी, जो प्राइवेट व सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा में प्रवेश के लिए मान्य होगी।
प्रदेश में अगले शिक्षा सत्र से यह प्रमाण पत्र मिलना शुरू हो जाएगा। अपार आइडी केन्द्रों में आने वाले करीब 16 लाख बच्चों की बनाई जाएगी। वहीं पहले सत्र में विभाग आंगनबाड़ी केन्द्रों में 5 से 6 वर्ष के करीब पौने चार लाख बच्चों (पोषण ट्रेकर के अनुसार) को ईसीसीई प्रमाण पत्र जारी करेगा।
आंगनबाड़ी केन्द्रों में दी जा रही पूर्व-प्राथमिक शिक्षा को मान्यता देने के साथ ही केन्द्र सरकार ने 25 अगस्त को सभी राज्य सरकारों को ईसीसीई प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए है।
प्रमाण पत्र की भी आइडी होगी, जो 10 अंकों की हो सकती है। जिसमें पहले 4 अंक आंगनबाड़ी केन्द्र कोड के होंगे। उसके बाद बच्चे के अपार आइडी के अंतिम 4 अंक होंगे। अंतिम 2 अंक उस वर्ष के होंगे। जिसमें प्रमाण पत्र बनाया गया है।
जानकारों की मानें तो आंगनबाड़ी केन्द्रों के मिल रही प्रारंभिक शिक्षा को मान्यता देने और बच्चों को औपचारिक शिक्षा प्रणाली में सुगम तरीके से प्रवेश देने के लिए यह प्रमाण पत्र जरूरी किया है। इससे केन्द्रों में बच्चों की संख्या बढ़ेगी। वहीं बच्चों को कक्षा एक में दाखिले के दौरान एक सशक्त आधार मिलेगा। साथ ही शिक्षा प्रणाली में एकरूपता आएगी।
अधिकारियों की मानें तो महात्मा गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल और पीएमश्री विद्यालयों में संचालित बाल-वाटिकाओं में प्रारंभिक शिक्षा ग्रहण कर रहे बच्चों को भी ईसीसीई प्रमाण पत्र दिया जाएगा।
1- 63 हजार आंगनबाड़ी केन्द्र है प्रदेशभर में
2- 16 लाख बच्चे पंजीकृत है, आंगनबाड़ी केन्द्रों में (3 से 6 साल तक के बच्चे)
3- 1383 बालवाटिकाओं में बच्चे कर रहे अध्ययन
इस संबंध में भारत सरकार के निर्देशानुसार राज्य सरकार के प्राप्त निर्देशों पर कार्यवाही की जा रही है।
वासुदेव मालावत, निदेशक, समेकित बाल विकास सेवाएं
Updated on:
15 Sept 2025 07:52 am
Published on:
15 Sept 2025 07:52 am
