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Good News: ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस में राजस्थान की बड़ी छलांग, निवेशकों को मिला बड़ा लाभ

pollution control: राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सभी श्रेणियों के उद्योगों के लिए सीटीओ के सिस्टम जनरेटेड ऑटो रिन्यूवल की सुविधा शुरू की है। साथ ही व्हाइट कैटेगरी उद्योगों की सूची 104 से बढ़ाकर 877 कर दी गई है, जिससे अधिक गैर–प्रदूषणकारी उद्योग नियामकीय बोझ से मुक्त हुए हैं।

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जयपुर

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Rajesh Dixit

Nov 15, 2025

Ease of Doing Business: जयपुर. कैबिनेट सचिव डॉ. टी. वी. सोमनाथन ने देशभर के मुख्य सचिवों के साथ हुई वीडियो कॉन्फ्रेंस में ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस के तहत कंप्लायंस रिडक्शन एवं डीरेगुलेशन में राजस्थान की उपलब्धियों की विशेष सराहना की। बैठक में राजस्थान के मुख्य सचिव सुधांश पंत ने राज्य में नियामकीय प्रक्रियाओं के सरलीकरण और निवेश अनुकूल माहौल विकसित करने हेतु किए गए सुधारों की विस्तृत प्रस्तुति दी।

चेंज ऑफ लैंड यूज की समय सीमा घटाई

राजस्थान ने एमएसएमई सेक्टर को राहत देते हुए चेंज ऑफ लैंड यूज की समय सीमा 60 से घटाकर 30 कार्यदिवस कर दी है, जिसमें समय सीमा समाप्त होने पर स्वतः स्वीकृति का प्रावधान जोड़ा गया है। प्रदूषण नियंत्रण क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। एमएसएमई के लिए कंसेट टू एस्टैब्लिश और कंसेट टू ऑपरेट के लिए थर्ड पार्टी सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया को 120 दिनों से घटाकर 21 दिन कर दिया गया है, जबकि रेड श्रेणी के उद्योगों के लिए यह अवधि 60 दिन निर्धारित की गई है।

गैर–प्रदूषणकारी उद्योग नियामकीय बोझ से मुक्त

राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सभी श्रेणियों के उद्योगों के लिए सीटीओ के सिस्टम जनरेटेड ऑटो रिन्यूवल की सुविधा शुरू की है। साथ ही व्हाइट कैटेगरी उद्योगों की सूची 104 से बढ़ाकर 877 कर दी गई है, जिससे अधिक गैर–प्रदूषणकारी उद्योग नियामकीय बोझ से मुक्त हुए हैं।

फायर एनओसी की वैधता अवधि बढ़ाई

राजस्थान शॉप्स एंड कमर्शियल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट में संशोधन कर कर्मचारियों की सीमा बढ़ाने, फायर एनओसी की वैधता अवधि बढ़ाने और थर्ड पार्टी फायर इंस्पेक्टर्स की व्यवस्था लागू करने से अनुपालन बोझ में और कमी आई है। राज्य की सिंगल विंडो प्रणाली राजनिवेश को चैटबॉट से सुसज्जित किया गया है, जो निवेशकों को वास्तविक समय में सहायता प्रदान करता है।

इन सुधारों ने राजस्थान को कंप्लायंस रिडक्शन और डीरेगुलेशन के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में स्थापित कर दिया है।