7 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

गोवर्धन पूजा पर बन रहे 4 शुभ संयोग, पूजा का यह श्रेष्ठ समय लाएगा सुख—समृद्धि

Govardhan Puja 2022: कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा पर बुधवार को गोवर्धन पूजा होगी। इस बार आयुष्मान, सर्वार्थसिद्धि और अमृतसिद्धि योग के बीच गोवर्धन पूजा की जाएगी, जो सुख—समृद्धिदायक होगी।

2 min read
Google source verification
गोवर्धन पूजा पर बन रहे 4 शुभ संयोग, पूजा का यह श्रेष्ठ समय लाएगा सुख—समृद्धि

गोवर्धन पूजा पर बन रहे 4 शुभ संयोग, पूजा का यह श्रेष्ठ समय लाएगा सुख—समृद्धि

Govardhan Puja 2022: जयपुर। कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा पर बुधवार को गोवर्धन पूजा होगी। इस बार आयुष्मान, सर्वार्थसिद्धि और अमृतसिद्धि योग के बीच गोवर्धन पूजा की जाएगी, जो सुख—समृद्धिदायक होगी। ये तीनों योग ही दिनभर रहेंगे। इस बार सूर्य ग्रहण के चलते करीब 150 सालों के बाद दिवाली के दूसरे दिन गोवर्धन पूजा नहीं होकर बुधवार को गोवर्धन पूजा हो रही है।

ज्योतिषाचार्य पं. पुरुषोत्तम गौड़ के मुताबिक कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा पर गोवर्धन पूजा की जाती है। इस बार बुधवार को आयुष्मान, सर्वार्थसिद्धि और अमृतसिद्धि योग के बीच गोवर्धन पूजा की जाएगी। आयुष्मान योग सूर्योदय के साथ सुबह 6.36 बजे से शुरू होगा, जो रात 9 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। इस बीच गोवर्धन पूजा शुभफलदाय होगी। आयुष्मान योग के बाद सौभाग्य योग भी बन रहा है। वहीं इस दिन सर्वार्थसिद्धि और अमृतसिद्धि योग भी रहेगा। ये दोनों योग दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से शुरू हो जाएंगे, जो रात 9 बजकर 23 मिनट तक रहेंगे। इस बीच गोवर्धन पूजा विशेष फलदायक होगी।

द्वापर युग से हो रही पूजा
ज्योतिषाचार्य पं. पुरुषोत्तम गौड़ ने बताया कि गोवर्धन पूजा द्वापर युग से होती आई है। द्वापर युग में भगवान कृष्ण ने इन्द्रदेव के घमंड को तोड़कर उनके प्रकोप से गोकुलवासियों की रक्षा की, तब से गोवर्धन पूजा की जाती है, पूजा में अन्नकूट प्रसाद का भोग लगाया जाता है। इस दिन गाय के बछड़े की पूजा होती है, भगवान कृष्ण गोपालक थे, इसलिए गाय के गोबर से ही गोवर्धन बनाना चाहिए।

यह भी पढ़े: 150 साल बाद टूट रही परंपरा, गोवर्धन पूजा नहीं, मंदिरों ने नहीं हुई सेवा—पूजा

गोवर्धन पूजा के श्रेष्ठ चौघड़िए
चौघड़िए — समय
अमृत का चौघडिया — सुबह 6.36 से 9.23 बजे तक
शुभ का चौघडिया — सुबह 10.47 से दोपहर 12 बजे तक
चर का चौघडिया — दोपहर 2.58 से शाम 4.22 बजे तक
लाभ का चौघडिया — शाम 4.22 से 5.45 बजे तक
शुभ व अमृत का चौघडिया — रात 8 बजे से 10.30 बजे तक