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राजस्थान में यहां एक ‘सरकारी फरमान’ से हड़कंप, जानें लोगों को किस बात का सता रहा डर?

Municipal Corporation Jaipur Greater : ग्रेटर निगम की एक अधिसूचना से टोंक रोड पर रामबाग से बी टू बाइपास के दोनों ओर 125-125 मीटर के दायरे में निवास करने वाली आबादी में आक्रोश है। लोगों को समझ में नहीं आ रहा है कि वो क्या करें?

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Jaipur News : ग्रेटर निगम की एक अधिसूचना से टोंक रोड पर रामबाग से बी टू बाइपास के दोनों ओर 125-125 मीटर के दायरे में निवास करने वाली आबादी में आक्रोश है। लोगों को समझ में नहीं आ रहा है कि वो क्या करें? कोई विधायक के पास जा रहा है तो नगर निगम के चक्कर लगा रहा है। लोगों को समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर उनके मकान या दुकान का ग्रेटर निगम क्या करेगा?


दरअसल, असमंजस की यह स्थिति ग्रेटर निगम की एक अधिसूचना से पैदा हुई है। निगम ने 22 फरवरी को लोकल एरिया प्लान की अधिसूचना जारी की है। पांच हिस्सों में बंटे इस प्लान में आने वाली कॉलोनियों से लेकर मकान नम्बरों तक को लिखा गया है। इस प्लान में टोंक रोड (रामबाग से बी टू बाइपास तक) को शामिल किया गया है। इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल है। निगम ने अपनी अधिसूचना में ये कहीं नहीं लिखा है कि जमीन का अधिग्रहण नहीं करेगा।


क्षेत्रफल: 177.5 हेक्टेयर जमीन पर बनाया प्लान


टोंक रोड पर रामबाग चौराहे से बी टू बाइपास तक का हिस्सा (6.5 किमी की लम्बाई)
टोंक रोड के दोनों ओर 125-125 मीटर तक की भूमि को प्लानिंग में किया शामिल।


राजस्थान पत्रिका से बातचीत में निगम अधिकारियों ने कहा कि इस क्षेत्र में लोगों के सहयोग से ही क्षेत्र का पुनर्विकास होगा और जमीन का अधिग्रहण नहीं किया जाएगा।

लोकल एरिया प्लान क्या है और इसकी जरूरत क्यों पड़ी?

व्यवस्थित विकास करने के लिए लोकल एरिया प्लान बनाया गया है। इसे अहमदाबाद के एक इंस्टीट्यूट ने तैयार किया है। इस इंस्टीट्यूट में सिटी डवलपमेंट और अर्बन प्लानिंग की पढ़ाई होती है। जो हिस्सा चिन्हित किया गया है, उसमें हाईराइज बिल्डिंग को बढ़ावा दिया जाएगा। हाईराइज बिल्डिंग होंगी तो कम क्षेत्रफल में ज्यादा लोग रह सकेंगे। लोग मकान जोड़कर बहुमंजिला इमारत खड़ी करेंगे तो सरकार उनको छूट भी देगी।


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लोगों में डर है कि टोंक रोड के दोनों ओर 125-125 मीटर तक जमीन ली जाएगी ?

जमीन का अधिग्रहण नहीं होगा। इस हिस्से के भूखंडधारियों को आगे आना होगा। मकान की हाइट बढ़ा सकेंगे। क्योंकि इस हिस्से में कम हाईराइज बिल्डिंग हैं। बिल्डिंग बायलॉज में संशोधन करना पड़ेगा तो करेंगे।

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अधिसूचना में जिन लोगों का मकान या व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं, क्या उनको कोई दिक्कत है ?

उनको कोई दिक्कत नहीं है। यदि वे इस प्लान के तहत अपने भूखंड का विकास कराना चाहेंगे तो सरकार उनको छूट देगी। जिन लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है, उन पर जरूर कार्रवाई होगी।

रामबाग सर्कल के बाद का हिस्सा ही क्यों लिया गया, उससे पहले का क्यों नहीं ?

रामबाग के बाद का ही हिस्सा ग्रेटर निगम का है और यह प्लान ग्रेटर निगम का ही है।


जमीन का अधिग्रहण नहीं होगा। भारत सरकार का प्लान है, उसी के हिसाब से यह प्रपोजल तैयार किया गया है।
लोगों से आपत्ति और सुझाव भी लिए जाएंगे। उनके निस्तारण के बाद प्रस्ताव को बोर्ड में रखा जाएगा। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद ही प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
- रूकमणी रियाड़, आयुक्त, ग्रेटर निगम

क्षेत्रीय विधायक को कॉलोनी के लोगों ने ज्ञापन दिया है। उन्होंने निगम अफसरों से बातचीत भी की है। जल्द ही इस अधिसूचना के विरोध में आयुक्त से मुलाकात करेंगे।
- अनिल जैसवानी, ख्वास जी का बाग

अधिसूचना के बाद कई लोग कह रहे हैं कि निगम जमीन का अधिग्रहण करेगा। निगम में जोन अधिकारियों से बात हुई तो वे सही तरह से जवाब नहीं दे रहे।
- नवरत्न बागड़ी, दुर्गापुरा