
जयपुर। राजस्थान में पानी की कमी को दूर करने के लिए भजनलाल सरकार लगातार प्रयासरत है। ऐसे में अब प्रदेश के 45 हजार गांवों में जल संचय के लिए बड़ा काम शुरू होगा। यहां भू-जल बढ़ाने, तालाब और झीलों के पानी के संरक्षण के लिए अभियान चलेगा। इसके लिए प्रवासी राजस्थानी भी सहयोग करेंगे।
सीएम भजनलाल शर्मा ने प्रवासी राजस्थानियों से जल संचय-जन भागीदारी के सामाजिक सरोकार अभियान से जुड़ने के लिए कहा। सीएम भजनलाल ने मुख्यमंत्री आवास पर उद्योगपतियों, प्रवासी राजस्थानियों को संबोधित किया।
सीएम ने कहा कि पानी की कमी के कारण ही कई लोग प्रवासी बने, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। इस दौरान केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल भी साथ रहे।
पीकेसी-ईआरसीपी की लागत की 90 प्रतिशत राशि केन्द्र सरकार वहन कर रही है। राजस्थान को तो केवल 10 प्रतिशत राशि ही खर्च करनी पड़ेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अरब सागर में जा रहे पानी को सहेजने के लिए उदयपुर में देवास योजना के तीसरे और चौथे चरण की शुरुआत की गई है। इससे उदयपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़ वासियों को पानी मिलेगा।
बारिश का पानी ज्यादा आता है तो यहां अतिरिक्त पानी दूसरे जिलों तक भी ला सकते हैं। तहसील और जिलों के विकास के लिए जल्द बड़ी योजनाएं लाने पर भी काम हो रहा है।
Published on:
16 Jan 2025 12:53 pm
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