
जयपुर।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के एकमात्र सांसद हनुमान बेनीवाल ने सांसद निधि की मद में मिलने वाली पांच करोड़ रुपए की वार्षिक राशि को नाकाफी बताया है। साथ ही कोरोना काल के दो वर्ष के दौरान की सांसद राशि नहीं मिलने की भी बात कही है। बेनीवाल ने ये बातें अपने चार वर्ष के सांसद कार्यकाल पूरा होने पर जारी प्रेस वक्तव्य में कही है।
सांसद बेनीवाल ने कहा कि एक सांसद को उसके संसदीय क्षेत्र में मात्र पांच करोड़ रुपए सालाना सरकार देती है जो बहुत कम है। उन्होंने कहा कि कोरोना के बहाने केंद्र सरकार ने दो साल तक सांसदों को मिलने वाली सांसद कोष की राशि नहीं दी, जिससे भी विकास कार्य प्रभावित हुए।
4 वर्ष, 13 करोड़ की स्वीकृति
अपने संसदीय कार्यकाल के चार वर्ष का लेखा-जोखा देते हुए आरएलपी सांसद ने कहा कि उन्होंने नागौर में सांसद कोष से साथ ही विभिन्न योजनाओं के माध्यम से विकास कार्य करवाए। अब तक के कार्यकाल में 239 विकास कार्यों के लिए 13 करोड़ 7 लाख 32 हजार रुपए की स्वीकृतियां जारी की जा चुकी हैं।
विकास कार्य पहली प्राथमिकता: बेनीवाल
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि नागौर संसदीय क्षेत्र में विकास कार्यों को प्राथमिकता से करवाना उनका पहला लक्ष्य है। जनहित से जुड़े जितने भी कार्य उनके पास आते है उनका वो प्राथमिकता से निस्तारण करवाने का प्रयास करते हैं।
ट्विटर ट्रेंड हुआ अभियान
सांसद बेनीवाल के चार वर्ष बतौर सांसद पूर्ण करने पर आरएलपी समर्थकों ने 'राजस्थान मांगे हनुमान' नाम से ट्विटर ट्रेंड चलाया, जो देशभर के ट्विटर ट्रेंड में दूसरे स्थान तक जा पहुंचा।
'सत्ता' का साथ छोड़ा, जताया विरोध
सांसद हनुमान बेनीवाल ने किसान आंदोलन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला था। वे एनडीए से नाता तोड़ आंदोलनरत किसानों के समर्थन में करीब 70 दिन तक साथ रहे। वहीं सेना में संविदा आधारित भर्ती 'अग्निपथ योजना' का भी संसद के अंदर और बाहर पुरज़ोर विरोध किया। गौरतलब है कि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव परिणाम में हनुमान बेनीवाल ने कांग्रेस की उम्मीदवार ज्योति मिर्धा को भारी मतों से हराया था।
Published on:
24 May 2023 03:00 pm
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