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क्या आपको भी हुआ है वायरल फीवर तो जल्दी पढ़ें ये खबर, ठीक होने के 15 दिन बाद भी खत्म नहीं हो रहा जोड़ों में दर्द

Rajasthan News: हाथ, पैर, घुटनों और जोड़ों में दर्द, सूजन और चलने-फिरने में कठिनाई की शिकायत लेकर राजधानी के सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।

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जयपुर

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Supriya Rani

Oct 22, 2024

Jaipur News: डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और वायरल फीवर जैसी मौसमी बीमारियों से उबरने के बावजूद मरीजों की परेशानियां कम नहीं हो रही हैं। हाथ, पैर, घुटनों और जोड़ों में दर्द, सूजन और चलने-फिरने में कठिनाई की शिकायत लेकर राजधानी के सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।

इन मरीजों में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक सभी आयु वर्ग के लोग शामिल हैं। चिकित्सकों का कहना है कि यह पोस्ट वायरल आर्थराइटिस की समस्या है, जिसमें लापरवाही बरतना नुकसानदायक हो सकता है।

मानसून सीजन के खत्म होने के बाद मौसमी ठंड का अहसास हो रहा है, जिसके कारण वायरल फीवर, मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया के मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया है। इनमें से कई मरीज ठीक होने के बाद भी अस्पतालों में चक्कर लगा रहे हैं। सवाई मानसिंह अस्पताल, कांवटिया अस्पताल, जयपुरिया अस्पताल और जेके लोन अस्पताल की मेडिसिन और ऑर्थोपेडिक ओपीडी में रोजाना 20 से 25 प्रतिशत ऐसे मरीज देखे जा रहे हैं। इन मरीजों को जोड़ों में दर्द, शरीर में सूजन और हाथ-पांव में दर्द की समस्याएं हो रही हैं। कुछ मरीजों में तेज बुखार के साथ भी जोड़ों में दर्द की समस्या देखी जा रही है, जिसमें बुजुर्ग मरीजों की संख्या अधिक है।

दो से तीन सप्ताह में ठीक हो रहे मरीज

एसएमएस के अस्थिरोग विभाग के सह-आचार्य डॉ. विशाल शेखावत कहते हैं कि ऑर्थो ओपीडी में कई मरीजों में एक्यूट पोस्ट वायरल आर्थराइटिस के लक्षण देखे जा रहे हैं। अधिकांश मरीज दो से तीन सप्ताह में ठीक हो रहे हैं, जबकि कुछ को एक से दो महीने और कुछ को अधिक समय लग रहा है। इसका एकमात्र समाधान मच्छरों से बचाव है।

विशेष जानकारी

डॉक्टरों का कहना है कि वर्तमान में सक्रिय वायरस चिकनगुनिया जैसा है। पिछले कई वर्षों में ऐसा पैटर्न देखा गया है। वर्तमान में जिन मरीजों को बुखार आ रहा है, उनमें से 50 प्रतिशत तक मरीजों को जोड़ों में दर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में बिना मनमर्जी से दवा लेना गलत है।

बच्चों की विशेष देखभाल की जरूरत

वरिष्ठ शिशुरोग विशेषज्ञ डॉ. अशोक गुप्ता कहते हैं कि पांच साल से बड़े बच्चों में पोस्ट वायरल आर्थराइटिस के लक्षण देखे जा रहे हैं। रोजाना 25 से 30 बच्चे इस तरह की समस्याओं के साथ अस्पताल आ रहे हैं। इनको ठीक होने में समय लग रहा है, इसलिए परिजनों को बच्चों की विशेष देखभाल करने की आवश्यकता है। कई बच्चों में वायरल फीवर के बाद खांसी की समस्या भी देखी जा रही है, जिसमें उन्हें खांसी से निजात पाने में दो महीने तक का समय लग सकता है।

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