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Holi 2023: बहुत खास है यहां की सतरंगी होली, मुंबई तक से राजस्थान खेलने पहुंचते हैं लोग

Holi 2023: एक ओर महानगरों में जहां आधुनिक चकाचौंध में रंगों के त्योहार होली का उत्साह फीका पड़ता जा रहा है, वहीं फलोदी में आज भी शाही गेर व डोलची मार होली का रिवाज चरम पर है।

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पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क/फलोदी। Holi 2023: एक ओर महानगरों में जहां आधुनिक चकाचौंध में रंगों के त्योहार होली का उत्साह फीका पड़ता जा रहा है, वहीं फलोदी में आज भी शाही गेर व डोलची मार होली का रिवाज चरम पर है। हालांकि समय के साथ यहां भी होली खेलने पर बदलाव हुए है, लेकिन शाही गेर व डोलची मार होली का क्रेज अब भी कायम है।

फलोदी स्थापना से शुरू हुआ सतरंगी होली का दौर अब भी जारी है। फलोदी में होलाष्टक लगने के साथ ही गुरूवार को परम्पागत फाग गायन का दौर शुरू हो गया। मंदिरों में भी रंग, अबीर व गुलाल से होली के समधुर भजन गूंजने लगे है। लटियाल माता मंदिर से कल्लों की चौकी तक लटियाल माता के सुप्रसिद्ध होली के भजन के साथ परम्परागत होली के कार्यक्रम का आगाज हो गया।

सात परम्पराओं से बनी सतरंगी
फलोदी में होली को लेकर अलग-अलग सात परम्पराएं है, जिससे यहां की होली भी सतरंगी बन गई है। फलोदी में आठ दिन तक होली महोत्सव के तौर पर चलती है। जिसमें होली के भजनों की गैर व गायन फाल्गुन लगने से धुलंडी तक चलती है।

वहीं श्लील फाग गायन होलिका दहन की रात की गेर व धुलंडी के दिन निकलने वाली गेर, डोलची मार होली, महिलाओं की कोडा मार होली, अबीर, गुलाल, रंग व पिचकारी की होली, होलिका दहन के बाद छोटे बच्चों को ढूंढ की परम्परा फलोदी की होली को खास बनाती है।

दीपावली पर भले ही यहां के प्रवासी फलोदी नहीं आते है, लेकिन होली पर सैकड़ों परिवार फलोदी आते है और यहां की परम्परागत गेर व होलिका दहन का हिस्सा बनते है। जिससे होली के दिन प्रेम स्नेह का माहौल कुछ अलग व खास होता है।

सामाजिक एकता की प्रतीक
होलिका पर निकलने वाली गैर यूं तो पुष्करणा समाज की ओर से निकाली जाती है, लेकिन इस गेर में सभी धर्म व जाति के व्यक्ति शामिल होते है और जमकर एक साथ रंगों का त्योहार मनाते है। यही कारण है कि फलोदी की परम्परागत गेर हर लिहाज से आपसी भाईचारे, प्रेम व स्नेह का प्रतीक होने से फलोदी में होली की परम्पाएं खास है।

पीपाड़सिटी में धमका पाचू गेर आज से
पीपाड़सिटी उपखंड के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में फाल्गुन माह में होली की धमाल नजर आने लगी है। वही शहर में परम्परागत रूप से निकलने वाली धमका पाचू गेर का भव्य आयोजन शुक्रवार से देर रात 10 बजे से शुरू होकर होली पर्व तक जारी रहेगी।

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आयोजन समिति के रामदिन भलालिया, जगदीश टाक ने बताया कि यह गेर मालियो की आथुणी हथाई से शुरू होकर शहर के परम्परागत मार्गो से शुरू होकर देर रात समय पुन: मालियो की हथाई के पास आकर सम्पन्न होगी। पालिका प्रशासन गेर के रास्ते को दुरूस्त करवाया जा रहा है।