
जयपुर। फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा पर सोमवार को होली मनेगी। भद्रा दोपहर 1:11 बजे तक ही रहेगी। होलिका दहन के दौरान भद्रा का साया नहीं होगा। प्रदोष युक्त गोधुलि बेला में दहन का श्रेष्ठ मुहूर्त ( holika dahan 2020 Muhurat ) रहेगा। ज्योतिषाचार्य पं. दामोदर प्रसाद शर्मा ने बताया, होलिका दहन का मुहूर्त शाम 6:28 से 6:40 बजे तक तथा शाम 6:35 बजे श्रेष्ठ मुहूर्त रहेगा। वहीं, गज केसरी योग (शाम 6:28 से 8:55 बजे तक) तथा सिंह लग्न के साथ ही चंद्रमा भी सिंह राशि में रहेगा। मंगलवार को धुलंडी मनेगी। इसी दिन गणगौर पूजा शुरू होगी।
होलिका दहन में इस्तेमाल होगा गौकाष्ठ
धुएं से बीमारियां फैलाने वाले बैक्टीरिया के खात्मे के लिए विभिन्न संगठनों ने होलिका दहन में जड़ी-बूटियां डालने का आह्वान किया है। गायत्री परिवार की ओर से बडक़ुलों में हवन सामग्री डलवाई है। आर्य समाज की ओर से भी होलिका दहन के दौरान हवन सामग्री का इस्तेमाल किया जाएगा। साथ ही होलिका दहन में गोबर के कंडे और गौकाष्ठ का इस्तेमाल करने की अपील की है। करीब 1000 से ज्यादा जगहों पर होलिका दहन में गौकाष्ठ का इस्तेमाल होगा।
गौ सेवा परिवार समिति की ओर से बगरू स्थित गौशाला में देशी गाय के गोबर से गौकाष्ठ बनाई है। समिति के विष्णु अग्रवाल ने बताया कि गौकाष्ठ के जलने से हवा में फैले जहरीले बैक्टीरिया नष्ट होते हैं। सांगानेर स्थित पिंजरापोल गोशाला के पदाधिकारियों द्वारा होलिका दहन के दौरान कपूर व लौंग डालने का आह्वान किया है। ट्रस्टी राधेश्याम विजयवर्गीय ने बताया कि कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए यह बेहद कारगर है।
Published on:
09 Mar 2020 08:04 am
