
शादाब अहमद / जयपुर . रणथंभौर टाइगर रिजर्व में बाघ के 2 शावकों की मौत के मामले में पोस्टमार्टम के लिए गठित टीम ने एनटीसीए को अपनी रिपोर्ट भेज दी है। इसमें मामले में विस्तृत जांच की सिफारिश की है। इधर वन्यजीव प्रेमियों ने कुछ महीने पहले हुई टी-33 (हमीर) की मौत को लेकर भी वन विभाग को सवालों के घेरे में लिया है।
रणथंभौर टाइगर रिजर्व के मृत 2 शावकों के नियमानुसार पोस्टमार्टम के लिए सरकार ने कमेटी बनाई थी। इसमें एनटीसीए की ओर से सुनयन शर्मा, स्टेट बॉर्ड ऑफ वाइल्ड लाइफ की ओर से धमेन्द्र खांडल सहित वन, प्रशासन और पुलिस की ओर से एक-एक प्रतिनिधि शामिल था। इस कमेटी ने एनटीसीए को भेजी रिपोर्ट में दोनों शावकों की मौत आबादी क्षेत्र के समीप होने से मामला संदिग्ध माना है और विस्तृत जांच की आवश्यकता जताई है। कमेटी का मानना है कि बड़े बाघ के हमले में दोनों शावकों की मौत होने की बात में दम नहीं है।
बाघों की मौत पर पहले भी डाला पर्दा
पर्यटन के नाम पर वन विभाग ने टाइगर रिजर्व में मानवीय गतिविधियां बहुत बढ़ा दी हैं जबकि वन्यजीवों के संरक्षण के लिए कुछ नहीं किया है। हाल ही शिकारियों ने 2 शावकों को मार डाला। इससे पहले भी संघर्ष बताकर वन विभाग टी-33 समेत अन्य बाघों की मौत पर पर्दा डाल चुका है। इन सब मामलों की जांच होनी चाहिए। जंगलों से गांव शिफ्ट करने के काम में तेजी भी लानी चाहिए।
- सिमरट संधू, वन्यजीव एक्टिविस्ट
सरिस्का में स्टैंडिंग कमेटी की बैठक
उधर अलवर के सरिस्का बाघ परियोजना में शनिवार को राज्य स्तरीय स्टैंडिंग कमेटी की बैठक सुबह 11 बजे होगी। इसमें इंदौक में हुई बाघ एसटी-11 की मौत एवं गायब बाघिन एसटी-5 की तलाश सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी। बैठक में बाघों की मॉनिटरिंग की समीक्षा भी होगी। बैठक में स्टैंडिंग कमेटी के अध्यक्ष पूर्व पुलिस महानिदेशक अजीत सिंह , पीसीसीएफ चार्लस संतोष रत्नागिरी, अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक जीवी रेड्डी, स्टेट बोर्ड फॉर वाइल्ड लाइफ के सदस्य वाल्मीकि थापर, गिरीश कुशवाह एवं धर्मेन्द्र खाण्डल मौजूद रहेंगे।
Published on:
20 Apr 2018 09:55 pm
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