पेट्रोलियम डीलर्स के अनुसार अभी तक सरकार की ओर से आपूर्ति को लेकर कोई विशेष दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि युद्ध लंबा चलता है तो वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिसका असर भारत जैसे आयातक देशों पर भी पड़ सकता है।