
Freedom Fighter Ramu Saini (Patrika Photo)
Freedom Fighter Ramu Saini: आजादी की लड़ाई में राजधानी जयपुर के स्वतंत्रता सेनानी रामू सैनी का जिक्र जरूर होता है। 98 साल के रामू सैनी (दादूदयाल नगर, मानसरोवर, जयपुर) के एकमात्र जीवित स्वतंत्रता सेनानी हैं।
वे बताते हैं कि आजादी के लिए बोलने वालों की आवाज दबा दी जाती थी। उस दौरान अंग्रेज आंदोलनकारियों को काठ की सजा देते थे। एक बार आंदोलन करते हुए पकड़ा गया। अंग्रेजों ने डंडों से पिटाई की और 30 घंटे से भी अधिक बांधकर रखा और कोड़े मारे। माफी मांगने के लिए जोर दिया, लेकिन माफी नहीं मांगी।
आगरा रोड स्थित सिसोदिया रानी का बाग में गंज की मशीन लगी हुई थी, जिसमें लोगों को पकड़कर लाते थे और मार देते थे। साल 1943 में उन्हें भी अंग्रेजों ने पकड़ लिया था, लेकिन वो जैसे-तैसे वहां से भाग गए। उस दौरान बाएं पैर पर गोली लगी। उन्होंने बताया कि हीरालाल शास्त्री, भोगीलाल पंड्या, माणिक्य लाल वर्मा जैसे कई बड़े नेताओं के नेतृत्व में काम किया।
वे बताते हैं कि उस समय एक घर से एक ही व्यक्ति आजादी की लड़ाई में शामिल होता था। चाचा कांजी सैनी ने मुझे स्वतंत्रता संग्राम में शामिल कर लिया। हम दोनों आजादी की लड़ाई में गुप्त रूप से भाग लेते थे। इस कारण हम अंग्रेजों की गिरफ्त में नहीं आए।
हम कई महीनों परिवार से दूर रहते थे। कभी रात को आते और सुबह सूरज निकलने से पहले ही घर छोड़ना पड़ता था। ऐसे में रात को परिवार वालों से मिलकर सुबह हम अपनी मंजिल तक पहुंच जाते थे। एक बार अंग्रेजों ने एक साल तक गांव से बाहर रहने की सजा सुना दी थी। साल 1944-45 और 46 में आंदोलन में भूमिका निभाई। जिस दिन देश को गुलामी से मुक्ति मिली, उस दिन चैन की सांस ल
Updated on:
3 Aug 2025, 9:58 AM IST
Published on:
3 Aug 2025, 9:58 AM IST
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