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Jaipur: कैंसर से पत्नी की मौत के बाद बदल गई पति की ज़िंदगी, एक साल से कर रहे पत्नी की पसंद का ये काम

Inspirational Love Story: पत्नी शिखा को याद करते हुए सैनी ने कहा कि हर बीज नई जिंदगी का वादा है। इसलिए मिट्टी में बीज बो दिए हैं, अब हर पौधा उसका जवाब और हर पत्ता उसकी मुस्कान होगी।

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परिवार संग सीड्स बॉल्स बनाते नरेंद्र सैनी (फोटो: पत्रिका)

Monday Motivational Story: हर रिश्ता कुछ न कुछ यादें छोड़ जाता है, लेकिन कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जो यादों से आगे बढ़कर जिंदगी को एक नई दिशा दे जाते हैं। वैशाली नगर निवासी नरेंद्र सैनी ने साल भर पहले पत्नी शिखा को कैंसर के कारण खो दिया था। शिखा को प्रकृति से काफी प्रेम था इसलिए नरेन्द्र ने इसे मिशन के रूप में अपनाया। वे भांकरोटा से सांगानेर की ओर आने वाले रिंग रोड के आसपास सीड बॉल्स डाल रहे हैं। वे शहर में अब तक करीब 35 किलोमीटर के दायरे में 2 लाख से ज्यादा सीड बॉल्स डाल चुके हैं।

ज्यादातर पत्नी की पसंद के पौधों के बीज

पत्नी शिखा को याद करते हुए सैनी ने कहा कि हर बीज नई जिंदगी का वादा है। इसलिए मिट्टी में बीज बो दिए हैं, अब हर पौधा उसका जवाब और हर पत्ता उसकी मुस्कान होगी। सीड बॉल्स में ज्यादातर पत्नी की पसंद के पौधों के बीजों को महत्व दिया है। इनमें पीपल, बरगद, नीम, जंगल जलेबी, अमलतास, गुलमोहर, खेजड़ी, बबूल आदि बीजों के सीड बॉल्स बनाए हैं। जो न केवल पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि इनका सांस्कृतिक और औषधीय महत्व भी है।

अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा

सैनी की इस पहल को देखते हुए परिवार के सदस्यों के अलावा आसपास के लोग, दोस्त और बच्चे भी सीड बॉल्स की इस मुहिम से जुड़ रहे हैं। सैनी ने बताया कि जयपुर के बाद टोंक, अजमेर, कोटा, उदयपुर सहित विभिन्न शहरों में सीड बॉल्स लगाकर अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा।