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पेट्रोल उड़ेलकर मासूम बेटी संग कुर्सी पर बैठी मां, फिर आग लगाई, दोनों की तड़प-तड़पकर दर्दनाक मौत

बेटी के बाद स्कूल व्याख्याता मां की भी मौत, पीहर पक्ष ने पति, सास-ससुर पर प्रताड़ना व आत्मदाह को दुष्प्रेरित करने का आरोप लगाया
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जोधपुर

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Rakesh Mishra

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Updated: 23 Aug 2025, 10:00 PM IST

Jodhpur mother daughter death

मां-बेटी की फाइल फोटो- पत्रिका

राजस्थान के जोधपुर के डांगियावास थानान्तर्गत सरनाडा गांव के मकान में तीन साल की बेटी के जिंदा जलने के बाद गंभीर झुलसी स्कूल व्याख्याता मां का भी शनिवार को दम टूट गया। शव को लेकर विवाद के बाद दोपहर में पोस्टमार्टम के बाद मां व बेटी के शव पीहर पक्ष को सौंप दिए गए।

प्रथम दृष्टया जांच के बाद पुलिस को आशंका है कि स्कूल से छुट्टी होने पर घर लौटने के बाद अपने मकान में महिला अपनी बेटी के साथ कुर्सी पर बैठी और फिर पेट्रोल उड़ेलकर आत्मदाह किया था। फिलहाल कारण पता नहीं लग पाया है।

सहायक पुलिस आयुक्त (मण्डोर) नगेन्द्र कुमार ने बताया कि गंभीर झुलसी सरनाडा गांव निवासी संजू (32) पत्नी दिलीप बिश्नोई की सुबह महात्मा गांधी अस्पताल की बर्न यूनिट मृत्यु हो गई। बेटी यशस्वी (3) शुक्रवार को जिंदा जल गई थी। फिटकासनी निवासी पीहर पक्ष की ओर से मृतका के पति दिलीप, सास व ससुर के खिलाफ दहेज के लिए तंग व प्रताड़ित और आत्महत्या करने के लिए दुष्प्रेरित करने की एफआइआर दर्ज कराई।

मां व बेटी का एक साथ अंतिम संस्कार

मामले को लेकर सुबह से ही एमजीएच मोर्चरी के बाहर परिजन, ग्रामीण व समाज के लोग जमा हो गए। ससुराल पक्ष वाले शव लेना चाहते थे, लेकिन पीहर पक्ष ने ऐतराज जताया। एसीपी नगेन्द्र कुमार व थानाधिकारी राजेन्द्र सिंह चौधरी की समझाइश के बाद दोपहर में शव पीहर पक्ष को सौंपे गए।

शव लेकर पीहर वाले घर पहुंचे तो गांव में शोक की लहर छा गई। घरवाले रोने लगे। गमगीन माहौल में मां व बेटी की अंतिम यात्रा निकली और फिर एक साथ दोनों का अंतिम संस्कार किया गया। उधर, एफएसएल ने शनिवार को वारदातस्थल का मौका मुआयना किया और महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए।

दरवाजे बंद कर बेटी संग लगाई थी आग

मृतका संजू बिश्नोई फिटकासनी गांव की राजकीय सीनियर सैकण्डरी स्कूल में व्याख्याता थी। वह 2021 से इस स्कूल में थी। वह शुक्रवार दोपहर एक बजे छुट्टी होने के बाद घर निकली थी। ग्रामीणों की मानें तो वह तीन बोतल पेट्रोल ले गई थी। फिर शाम को मकान में दोनों के जलने की सूचना मिली थी।

प्रथम दृष्टया जांच के बाद पुलिस को अंदेशा है कि संजू मकान में अकेली थी। उसने अंदर से दरवाजों के कूंदे लगाए। लॉबी में बेटी के साथ डाइनिंग टेबल की कुर्सी पर बैठी थी और फिर पेट्रोल उड़ेलकर आग लगा दी थी। दोनों लपटों से घिर गई थी। फिर फर्श पर गिर गई थी, जहां बेटी यशस्वी जिंदा जल गई थी।

घरवाले पहुंचे तो मां-बेटी को जला देख चिल्लाए, रोने लगे

घटना के दौरान पति दिलीप बाहर गया हुआ था। सास-ससुर भी बाहर गए हुए थे। आस-पास के लोगों ने मकान से धुआं निकलते देख घरवालों को अवगत कराया था। वे घर पहुंचे और खिड़की से अंदर देखा, जहां मां व बेटी को जला देख घबरा गए थे। वे रोने चीखने लग गए थे।

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दस साल पहले शादी, इकलौती बेटी संग आत्मदाह

पीहर पक्ष ने दहेज के लिए तंग व प्रताड़ित करने की एफआइआर दर्ज कराई है। संजू की शादी दस साल पहले दिलीप से हुई थी। उसकी ननद की शादी संजू के भाई से हो रखी है। यानी आटा-साटा आमने-सामने विवाद हो रखे हैं।

संजू के यशस्वी इकलौती संतान थी और उसी के साथ आत्मदाह कर लिया था। पीहर पक्ष का आरोप है कि सास-ससुर व पति दहेज के लिए उसे तंग व प्रताड़ित करते थे। चार-पांच माह पहले भी उसका ससुराल वालों से झगड़ा हुआ था। वह कुछ दिन पीहर में रही थी। मृतका खुद व्याख्याता के साथ पिता व दोनों भाई की भी नौकरी है।