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International Nurses Day : राजस्थान को इस बार भी नहीं मिला नर्सिंग का टॉप अवार्ड ‘फ्लोरेंस नाइटिंगेल’, जानें क्यों

International Nurses Day : देश के सबसे बड़े नर्सिंग कैडर वाले राज्यों में शामिल राजस्थान को लगातार दूसरे साल भी देश के सर्वोच्च नर्सिंग सम्मान फ्लोरेंस नाइटिंगेल अवॉर्ड से वंचित रहना पड़ा है। वजह जानकर आप चौक जाएंगे।

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International Nurses Day 2026 Rajasthan did not get top nursing award Florence Nightingale this time too Know why

फोटो पत्रिका

International Nurses Day : जयपुर. देश के सबसे बड़े नर्सिंग कैडर वाले राज्यों में शामिल राजस्थान को लगातार दूसरे साल भी देश के सर्वोच्च नर्सिंग सम्मान फ्लोरेंस नाइटिंगेल अवॉर्ड से वंचित रहना पड़ा है। राष्ट्रीय स्तर पर दिए जाने वाले इस सम्मान में इस बार 7 नाम भेजे जाने के बावजूद एक भी नाम का चयन नहीं हुआ। आरोप हैं कि स्वास्थ्य विभाग ने तय पैरामीटर के अनुसार इस बार भी प्रस्ताव नहीं भेजे। इसके कारण प्रदेश की मेहनती और उत्कृष्ट सेवाएं देने वाली नर्सों के नाम अंतिम सूची तक नहीं पहुंच पाए।

जानकारों के अनुसार फ्लोरेंस नाइटिंगेल अवॉर्ड के लिए प्रक्रिया बेहद सरल होती है। राज्यों को उत्कृष्ट कार्य करने वाले नर्सिंग अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम निर्धारित प्रारूप में केंद्र सरकार को भेजने होते हैं। इसके लिए बैठक होती है। यही बैठक विवाद का कारण बन रही है। अवॉर्ड चयन नियमानुसार इसमें सभी प्रतिनिधियों को बुलाया ही नहीं गया और नाम चयन केंद्र को भेज दिए गए।

गत वर्ष इसी तरह नाम भेजे जाने के बाद केंद्र ने बैठक के मिनट्स मांगे तो उसमें कुछ सदस्यों के हस्ताक्षर नहीं थे। ऐसे में राजस्थान के प्रस्ताव खारिज कर दिए गए। सूत्रों के अनुसार इस बार भी वही गलती दोहराई गई है। इसका खामियाजा पूरे नर्सिंग समुदाय को भुगतना पड़ रहा है। नर्सेज का कहना है कि जिम्मेदार अधिकारियों ने प्रक्रिया को गंभीरता से नहीं लिया। यह अवॉर्ड राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किया जाता है।

कोविड और ग्रामीण स्वास्थ्य में सेवाएं

नर्सिंग संगठनों का कहना है कि इन नामों के अलावा भी प्रदेश में सैकड़ों ऐसे नर्सिंग अधिकारी हैं, जिन्होंने कोविड काल से लेकर ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं तक उत्कृष्ट कार्य किया, लेकिन उन्हें राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने की प्रक्रिया ही मजबूत नहीं हो सकी।

अधिकारियों की जिम्मेदारी तय हो, राज्य स्तर पर करें सम्मान

नर्सेज ने मांग की है कि जिन अधिकारियों के नाम इस बार भेजे गए थे, उन्हें राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाए। साथ ही, जिन अधिकारियों की लापरवाही से प्रस्ताव खारिज हुए, उनके खिलाफ जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाए। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो वे स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर और मुख्यमंत्री से मुलाकात कर आंदोलन की रणनीति तय करेंगे।

इन्हें मिल चुका यह सम्मान

बलदेव चौधरी : असहाय मरीजों की निस्वार्थ सेवा के लिए पहचान।
राजकुमार : सीपीआर जागरूकता अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए चर्चित।
रामप्रसाद : ऑर्गन डोनेशन अभियान और जन जागरूकता में उल्लेखनीय कार्य।
डॉ. जोगिंदर शर्मा : राजस्थान नर्सिंग काउंसिल में प्रशासनिक सुधार और नर्सिंग शिक्षा को मजबूत करने में योगदान।
राधेलाल शर्मा : ट्रॉमा केयर प्रोटोकॉल और क्रिटिकल केयर प्रशिक्षण में विशेष योगदान।

चयन नहीं होने का कारण पता करेंगे

अवार्ड के लिए देश के सभी राज्यों से नाम भेजे जाते हैं। इस बार भी राजस्थान के सात नाम भेजे गए थे। चयन नहीं होने का कारण पता करेंगे।
राकेश शर्मा, निदेशक अराजपत्रित, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग