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चौमूं/उदयपुरिया । चौमूं थाना इलाके के ग्राम हाड़ौता में नित्यकर्म के लिए निकला युवक सीतानाथ की पहाड़ी का कच्चा हिस्सा गिरने से मलबे में दब गया। सूचना पर पहुंचे एसडीएम की मौजूदगी में करीब 3 घंटे चले रेस्क्यू के बाद 40 फीट गहरी खाई से युवक को बाहर निकाला गया, तब तक मौत हो चुकी थी।
थानाप्रभारी प्रदीप शर्मा ने बताया कि हाड़ोता में संचालित निजी स्टोन क्रशर मशीन पर मजदूरी करने वाले मो. तोसीफ (20) निवासी लाडनपुरा जिला मऊ उत्तर प्रदेश की हाड़ौता के पास सीतानाथ की डूंगरी के धंसने से दबने की सूचना मिली।
मौके पर पहुंचे तो करीब 15 से 20 ट्रॉली के करीब मलबा ऊपर गिरा हुआ था। एसडीएम दिलीप सिंह भी प्रशासनिक दस्ते के साथ मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू चालू करवाया। दो एलएनटी व एक जेसीबी से खाई से मिट्टी हटानी शुरू की। करीब 3 घंटे की मशक्कत के बाद युवक को बाहर निकाला, लेकिन तब तक वह दम तोड़ च़ुका था।
पुलिस ने बताया कि तौसीफ नित्यकर्म के लिए पहाड़ी के पास गया था। तभी अचानक पहाड़ी का कच्चा हिस्सा धंस गया और मिट्टी और मलबे में युवक दब गया। रेस्क्यू के दौरान बंशीधर सेरावत भी मौजूद रहे।
मृतक का छोटा भाई मोहम्मद दानिश भी क्रशर पर मजदूरी करता है। उसने बताया कि सुबह बड़ा भाई नित्यकर्म के लिए पहाड़ी की तरफ गया था। काफी देर तक नहीं लौटने पर पहाड़ी की तरफ गए तो मलबा ऊपर से गिर रहा था। इससे लगा कि वह मलबे के नीचे दब गया।
मृतक चार भाई और एक बहन है। करीब एक माह पहले ही दोनों भाई क्रशर पर मजदूरी करने आए थे। उनके पिता गांव में पिकअप चलाते है। पुलिस ने शव को चौमूं शहर के उपजिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया और पोस्टमार्टम कर सौंपा।
लोगों कहना था कि सीतानाथ पहाड़ी अवैध खनन और ब्लास्टिंग से खोखली हो चुकी है। गहरी खाइयां बनी हुई है। पहाड़ी के कई हिस्से झूल रहे हैं। फरवरी माह 2023 में भी इसी डूंगरी पर अवैध ब्लास्टिंग के चलते खान धंस गई थी। जबकि दिसंबर 2021 में खनन के दौरान चट्टान खिसकने से डेरा वाली ढाणी भोपावास निवासी एक मजदूर की पत्थरों के नीचे दबने से मौत हो गई थी। घटना के बाद खनन विभाग के फोरमैन अरुण वर्मा ने भी पहुंचकर जांच की। उनका कहना था कि पहले खनन हुआ है, हाल में खनन नहीं है।
Published on:
11 Sept 2025 05:43 pm
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