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Jaipur Airport: रनवे को छूकर विमान ने फिर भरी उड़ान, 120 पैसेंजर थे सवार, 44 मिनट आसमान में लगाता रहा चक्कर

जयपुर एयरपोर्ट पर बुधवार को खराब मौसम के चलते इंडिगो की फ्लाइट अंतिम क्षणों में रनवे छूने के बाद दोबारा उड़ान भरने को मजबूर हो गई। करीब 120 यात्रियों को लेकर विमान 44 मिनट तक आसमान में चक्कर लगाता रहा।
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जयपुर

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Kamal Mishra

Jul 29, 2026

Jaipur Airport

Jaipur Airport: एयपोर्ट पर लैंडिंग की सांकेतिक तस्वीर (फोटो-एआई जेनरेटेड)

जयपुर। हैदराबाद से जयपुर आ रहा इंडिगो का एक विमान बुधवार को खराब मौसम के कारण पहली बार में लैंड नहीं कर सका। विमान जयपुर एयरपोर्ट पर उतरने ही वाला था, लेकिन तेज बारिश और तेज हवाओं के चलते पायलट को अंतिम क्षणों में लैंडिंग रोकनी पड़ी। रनवे को छूने के बाद विमान ने दोबारा उड़ान भरी और करीब 44 मिनट तक जयपुर के आसमान में चक्कर लगाने के बाद सुरक्षित लैंडिंग की। फ्लाइट में करीब 120 यात्री सवार थे।

इंडिगो की फ्लाइट 6E-913 बुधवार दोपहर निर्धारित समय के अनुसार जयपुर पहुंची थी। विमान ने करीब 1:40 बजे लैंडिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी थी, लेकिन उसी समय एयरपोर्ट के आसपास मौसम अचानक बिगड़ गया। तेज बारिश, कम दृश्यता और तेज हवा के कारण सुरक्षित लैंडिंग संभव नहीं रही। ऐसे में पायलट ने किसी भी जोखिम से बचने के लिए गो-अराउंड प्रक्रिया अपनाई और विमान को फिर से ऊंचाई पर ले गए।

44 मिनट तक आसमान में लगाता रहा चक्कर

एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के निर्देश पर विमान को जयपुर के आसपास होल्डिंग पैटर्न में रखा गया। इस दौरान विमान करीब 44 मिनट तक आसमान में चक्कर लगाता रहा। अचानक दोबारा उड़ान भरने और लंबे समय तक हवा में रहने से कई यात्रियों की चिंता बढ़ गई। हालांकि पायलट और केबिन क्रू लगातार यात्रियों को स्थिति की जानकारी देते रहे और उन्हें शांत रहने की अपील करते रहे।

दूसरी कोशिश में हुई सुरक्षित लैंडिंग

करीब 2:15 बजे मौसम में सुधार होने के बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने विमान को दोबारा लैंडिंग की अनुमति दी। इसके बाद पायलट ने दूसरी कोशिश में सफलतापूर्वक विमान को जयपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार दिया। विमान के सुरक्षित उतरते ही यात्रियों ने राहत की सांस ली।

यह वीडियो भी देखें :

क्या होती है गो-अराउंड प्रक्रिया?

एविएशन विशेषज्ञों के अनुसार, खराब मौसम, कम विजिबिलिटी या तेज क्रॉस विंड जैसी परिस्थितियों में गो-अराउंड पूरी तरह मानक और सुरक्षित प्रक्रिया है। यदि पायलट को लगता है कि लैंडिंग सुरक्षित नहीं होगी, तो वह विमान को दोबारा हवा में ले जाकर बेहतर परिस्थितियों का इंतजार करता है। इस दौरान विमान की ऊंचाई, ईंधन और एयर ट्रैफिक की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाती है। यदि मौसम लंबे समय तक अनुकूल नहीं होता या ईंधन की स्थिति इसकी अनुमति नहीं देती, तो विमान को नजदीकी वैकल्पिक एयरपोर्ट की ओर भेजा जा सकता है।

पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले

जयपुर एयरपोर्ट पर इससे पहले भी कई आपात स्थितियां सामने आ चुकी हैं। जून 2026 में एक यात्री की तबीयत बिगड़ने पर दिल्ली से मुंबई जा रही इंडिगो की फ्लाइट की मेडिकल इमरजेंसी लैंडिंग जयपुर में कराई गई थी। वहीं दिसंबर 2025 में स्पाइसजेट के विमान के लैंडिंग गियर में तकनीकी खराबी आने पर फुल इमरजेंसी घोषित कर सुरक्षित लैंडिंग कराई गई थी।