28 जुलाई 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

दिवाली से पहले जयपुर में बड़ा एक्शन, तीन हजार किलो से ज्यादा मिल्के केक फेंका

Jaipur Food Safety Raid: दीपावली से पहले बाजार में ऊंचे दामों पर बिकने वाला यह ज़हरीला स्टॉक अगर सप्लाई हो जाता, तो हज़ारों लोगों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता था।
2 min read
Google source verification

milk cake photo

राजस्थान सरकार के शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान के तहत बुधवार रात राजधानी जयपुर के ग्रामीण क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई की गई है। खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने बस्सी तहसील के रूपा की नांगल स्थित एक कारखाने में छापा मारकर लगभग 3000 किलोग्राम मिलावटी मिल्क केक को नष्ट करवाया। दीपावली से पहले बाजार में ऊंचे दामों पर बिकने वाला यह ज़हरीला स्टॉक अगर सप्लाई हो जाता, तो हज़ारों लोगों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा हो सकता था।

ताला तोड़कर पकड़ा गया मिलावट का जखीरा

कमिश्नरेट की सेंट्रल टीम और सीएमएचओ जयपुर द्वितीय की टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि रूपा की नांगल की जैन वाटिका में बड़े पैमाने पर मिलावटी मिल्क केक बनाया जा रहा है। रात में जब टीम मौके पर पहुंची, तो कारखाने के मिल्क केक निर्माण वाले हिस्से पर ताला लगा मिला। शुरुआती आनाकानी के बाद अधिकारियों की सख्ती पर जब ताला खुलवाया गया, तो अंदर का नज़ारा चौंकाने वाला था।

सूजी, तेल और ग्लूकोज से बन रहा था दूध का केक

निरीक्षण के दौरान टीम को 5 किलो के 600 डिब्बों में पैक किया हुआ 3000 किलो तैयार मिलावटी मिल्क केक मिला। जांच में खुलासा हुआ कि जिसे शुद्ध दूध का केक, बताकर बेचा जाना था, वह वास्तव में सूजी, रिफाइंड सोयाबीन तेल, लिक्विड ग्लूकोज और मिल्क पाउडर जैसी घटिया सामग्री से तैयार किया जा रहा था। डॉ. मनीष मित्तल, सीएमएचओ जयपुर द्वितीय, ने बताया कि मौके पर लगभग 2500 किलो कच्चा माल भी स्टॉक में रखा था, जिससे दीपावली तक 5000 किलो और मिलावटी मिठाई बनाने की तैयारी थी।

जयपुर, दौसा से सीकर तक फैला था मिलावट का नेटवर्क

पूछताछ में यह भी सामने आया कि कारखाना संचालक पिछले दो साल से यह गोरखधंधा चला रहा था। उसके मिलावटी मिल्क केक का नेटवर्क सिर्फ जयपुर तक सीमित नहीं था, बल्कि सीकर, श्रीमाधोपुर और चौमू जैसे बड़े कस्बों और शहरों तक फैला हुआ था। वह इस घटिया मिल्क केक को मात्र 120 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचता था, जिससे निर्माण की कम लागत और मिलावट की पुष्टि होती है।

सेंट्रल टीम ने तैयार मिल्क केक के नमूने जांच के लिए भेजे हैं, जबकि बाकी 3000 किलो मिलावटी माल को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि यह कार्रवाई मुनाफाखोरी के लिए जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों के लिए एक कड़ा संदेश है।

बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग