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Royal Family Treasure : जयपुर के पूर्व राजघराने के खजाने के बारे में बड़ा खुलासा, RTI से खुला यह राज

Royal Family Treasure : आखिरकार RTI से जयपुर के पूर्व राजघराने के उस खजाने का राज खुल गया है। जानिए ​अभी कहां है ये खजाना।

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Jaipur former royal family treasure big revelation this secret was revealed through RTI where is treasure

फोटो - AI

Royal Family Treasure : आपातकाल के दौरान यह चर्चा जोरों पर रही कि जयपुर राजघराने पर आयकर विभाग ने छापा मारकर अरबों रुपए हीरे और जवाहरात आदि जब्त किए थे। जयपुर स्थित राज्य की ट्रेजरी ने सूचना के अधिकार के तहत जब्तशुदा यह खजाना जयपुर में सुरक्षित होने का खुलासा किया है।

वर्ष 1975–77 के बीच आपातकाल के दौरान जयपुर के राजघराने पर आयकर विभाग की बड़ी कार्रवाई इतिहास के पन्नों में दब गई, लेकिन ट्रेजरी की ओर से महेश झालानी को आरटीआइ के माध्यम से बताया कि 6 मई 1975 के पत्र के माध्यम से 24 मई 975 को ट्रेजरी के सुरक्षित कक्ष में 2 सील्ड बाॅक्स जमा करवाए थे।

पहले आयकर विभाग दिल्ली को सुपुर्द किया, फिर जयपुर में किया जमा

इन बक्सों को नई दिल्ली स्थित आयकर विभाग (इन्टेलिजेन्सी) के डिप्टी डायरेक्टर के 27 अक्टूबर 1979 के पत्र क्रमांक 1935 के क्रम में दो सील्ड बॉक्स सुपुर्द कर दिया गया। इनको 31 अक्टूबर 1979 को डिप्टी डायरेक्टर आयकर विभाग (इन्टेलिजेन्सी) नई दिल्ली की ओर से मु. नं. 13-14 सवाई भवानी सिंह एमवीसी सिटी पैलेस लिखे दो सील्ड बॉक्स, ट्रेजरी में सुरक्षित कक्ष में रखवाकर पुन: जमा करवाए गए। इसमें पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग के 6 फरवरी 2020 के पत्रांक 1172 का हवाला दिया गया है।

बक्से सील्ड, सामान की जानकारी नहीं

आरटीआइ के जरिए ही ट्रेजरी की ओर से यह भी बताया कि राजस्थान कोषागार नियमावली के नियम 120 के अन्तर्गत विभाग द्वारा कोषालय के सुरक्षित कक्ष में सील्ड पैकिट के रूप में सामान जमा कराया जाता है, जिस पर विभाग अपनी सील लगाता है। उसका वजन, रखे जाने वाले सामान का विवरण सम्बन्धित विभाग के पत्र के साथ प्राप्त नहीं हुआ। इस कारण कार्यालय के रिकॉर्ड में वजन, रखे सामान के विवरण का उल्लेख किए जाने का प्रावधान नहीं है।

ट्रेजरी ने बताया कि बॉक्स के वजन आदि की जानकारी सम्बन्धित विभाग से प्राप्त की जा सकती है। झालानी का दावा है कि सूचना के अधिकार के अंतर्गत प्राप्त सूचना से तत्कालीन आयकर विभाग ने जयपुर राजमहल और उससे जुड़े ठिकानों पर छापे मारे जाने और बहुमूल्य वस्तुओं के जब्त किए जाने की पुष्टि होती है।