24 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Jaipur : सोते हुए दोस्त की सिर कुचलकर हत्या, फिर मोबाइल और अंगूठे से 29 हजार रुपए ट्रांसफर

गलता गेट इलाके में पार्किंग गार्ड की हत्या के मामले का पुलिस ने महज 24 घंटे में खुलासा कर उसके साथी गार्ड को ही गिरफ्तार किया है। साथी गार्ड ने ऑनलाइन सट्टे में पैसे हारने के बाद लालच और रंजिश में आकर इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया।
2 min read
Google source verification

आरोपी प्रदीप कुमार यादव। फोटो पत्रिका नेटवर्क

जयपुर। राजधानी जयपुर के गलता गेट इलाके में पार्किंग गार्ड की हत्या के मामले का पुलिस ने महज 24 घंटे में खुलासा कर उसके साथी गार्ड को ही गिरफ्तार किया है। साथी गार्ड ने ऑनलाइन सट्टे में पैसे हारने के बाद लालच और रंजिश में आकर इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया।

डीसीपी नॉर्थ करण शर्मा ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मैनपुरी हाल जैन नसियां पार्किंग दिल्ली रोड निवासी प्रदीप कुमार यादव उर्फ कन्हैया (27) को गिरफ्तार किया। आरोपी ने अपने साथी गार्ड प्रमोद सिंह की सोते समय पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी थी। इसके बाद आरोपी ने मृतक के मोबाइल और अंगूठे का इस्तेमाल कर उसके फोन-पे खाते से 29 हजार रुपए अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए ।

2 हजार रुपए मांगे, मना किया तो रखने लगा रंजिश

डीसीपी करण शर्मा ने बताया कि आरोपी प्रदीप कुमार यादव को ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे की लत थी और हाल ही करीब 5 हजार रुपए हार गया था। आर्थिक तंगी के चलते उसने प्रमोद सिंह से 2 हजार रुपए उधार मांगे, लेकिन मना करने पर वह रंजिश पाल बैठा। आरोपी को यह भी पता था कि प्रमोद के फोन-पे खाते में पैसे हैं ।

इसी लालच में उसने हत्या की साजिश रची और 23 मार्च की अलसुबह करीब 4 बजे गार्ड रूम में सो रहे प्रमोद सिंह पर पत्थर से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी ने मृतक का मोबाइल लेकर उसके अंगूठे से फोन अनलॉक किया और अपने खाते में 29 हजार रुपए ट्रांसफर कर लिए। पहचान छिपाने के लिए उसने मोबाइल की सिम निकालकर पानी की टंकी में फेंक दी और फोन छिपा दिया।

तकनीकी जांच से खुला राज

आरोपी घटना के बाद पुलिस जांच में शामिल होकर खुद को बचाने की कोशिश भी करता रहा। पुलिस ने मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच की। इसमें सामने आया कि घटना के समय ही 29 हजार रुपए एक यूपीआइ नंबर पर ट्रांसफर हुए हैं, जो आरोपी प्रदीप का निकला। इसके बाद पुलिस ने उसे पकड़कर सख्ती से पूछताछ की, जिसमें उसने वारदात कबूल कर ली।

बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग