
पार्किंग के नाम पर कमाई (फोटो- पत्रिका)
जयपुर: हैरिटेज निगम ने पार्किंग सुविधा के नाम पर करोड़ों का राजस्व तो कमा लिया, लेकिन जनता की सहूलियत के लिए चलाई नि:शुल्क बस सेवा पर ध्यान नहीं दिया। प्रति बस औसतन 10 हजार रुपए किराया जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (जेसीटीसीएल) लेता है, लेकिन निगम जनता की सुविधा के लिए प्रति माह महज छह लाख रुपए भी खर्च करने को तैयार नहीं है।
निगम ने पार्किंग से कमाई कर ली, लेकिन बसें बंद कर दीं। वहीं, जेडीए अधिकारियों का तर्क है कि जब पार्किंग निगम के पास है तो बस संचालन की जिम्मेदारी भी उसी की है। निगम की राजस्व शाखा भी मानती है कि बसों के संचालन का फैसला सक्षम स्तर पर होना चाहिए।
रामनिवास बाग की पार्किंग में कुत्तों का आतंक है। यहां खड़े दोपहिया और ऑटो की सीटें तक फाड़ दी जाती हैं। वाहन चालकों का कहना है कि शिकायत करने पर न तो ठेकेदार सुनता है और न ही नगर निगम कोई ध्यान देता है।
वाहन-एक घंटे पर चार्ज, दो घंटे पर चार्ज
-दोपहिया-10 रुपए-5 रुपए
-चारपहिया 20 रुपए- 10 रुपए
परकोटे के बाजारों में वाहन चालकों से रामनिवास बाग की तुलना में ढाई गुना अधिक राशि वसूली जा रही है। इससे लोग और अधिक परेशान हैं। रामनिवास बाग से परकोटे में बसों के संचालन का फैसला ट्रैफिक कंट्रोल बोर्ड (टीसीबी) की बैठक में हुआ था और 1 अगस्त 2023 से सेवा शुरू हुई थी। लेकिन कुछ ही समय बाद इसे बंद कर दिया गया। अब स्थिति यह है कि लोग रामनिवास बाग की पार्किंग में वाहन खड़ा करने के बाद परकोटा तक पहुंचने के लिए परेशान हैं।
पार्किंग स्थल-इस बार की बोली-पिछली बोली
चौड़ा रास्ता-92 लाख-50 लाख
जौहरी बाजार-1.03 करोड़-92 लाख
किशनपोल-44 लाख-20 लाख
रामनिवास बाग-1.25 करोड़
(भूमिगत पार्किंग का कार्यादेश हैरिटेज निगम ने पहली बार दिया है)
Published on:
31 Aug 2025 11:44 am
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