
जयपुर में अवैध गैस रिफलिंग का काला कारोबार, पत्रिका फोटो
LPG Safety Violation: जयपुर में घरेलू गैस सिलेंडरों की अवैध रिफलिंग का धंधा अब सिर्फ नियमों की अनदेखी नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी से खुला खिलवाड़ बन चुका है। गैस की किल्लत और बढ़ती कीमतों के बीच शहर के कई इलाकों में घरेलू सिलेंडरों से छोटे व्यावसायिक और मिनी सिलेंडरों में धड़ल्ले से गैस भरी जा रही है। गंभीर बात यह है कि यह पूरा खेल बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के रिहायशी इलाकों में चल रहा है, जहां एक चिंगारी भी बड़े विस्फोट में बदल सकती है।
खास बात यह है कि मंगलवार को डीग के कामवन कस्बे में अवैध गैस रिफलिंग के दौरान हुए हादसे में दो सगे भाई-बहन की मौत हो गई, जबकि छह लोग गंभीर रूप से झुलस गए। इतने दर्दनाक हादसे के बाद भी शहर में इस अवैध कारोबार के खिलाफ प्रशासन की नींद नहीं टूटी।
पत्रिका टीम गुरुवार को पांच किलो का खाली सिलेंडर लेकर बरकत नगर में बोगस ग्राहक बनकर पहुंची। एक दुकानदार ने बिना किसी हिचकिचाहट के कहा कि गैस 220 रुपए किलो के हिसाब से भर दी जाएगी। मोलभाव करने पर जवाब मिला, “सिलेंडर महंगे आ रहे हैं, इससे कम नहीं होगा, आगे और भी दुकानें हैं, वहां पूछ लो।”
इसके बाद उसने छोटे सिलेंडर पर एक घरेलू सिलेंडर रखकर मात्र दो मिनट में गैस भरी और एक किलो सौ ग्राम गैस के 250 रुपए वसूल लिए। स्थानीय लोगों ने बताया कि पूरे इलाके में आधा दर्जन से ज्यादा दुकानों पर खुलेआम गैस रिफलिंग हो रही है। जो चोरी छिपे अलग-अलग समय में यह कारोबार करते हैं।
बजाज नगर थाने से महज सौ मीटर दूर भी यही खेल चलता मिला। यहां भी दुकानदार ने 220 रुपए किलो की दर बताई। झालाना के सोमेश्वरपुरी इलाके में भी खुलेआम 200 रुपए किलो के हिसाब से गैस भरने के लिए दुकानदार तैयार हो गया।
परकोटा, जगतपुरा, सांगानेर, मुहाना, विद्याधर नगर और शहर के बाहरी इलाकों में भी अवैध रिफलिंग का नेटवर्क फैल चुका है। गली-गली और छोटी-छोटी दुकानों में घरेलू सिलेंडरों से गैस ट्रांसफर की जा रही है। इन दुकानदारों के पास न कोई अग्निशमन उपकरण हैं और न ही किसी सुरक्षा मानक की यहां पालना हो रही है। ऐसे में गैस रिसाव होने पर मामूली स्पार्क भी पूरे इलाके को आग के गोले में बदल सकता है।
अवैध रिफलिंग का कारोबार जुगाड से ब्लैक में सिलेंडर खरीद और गैस एजेंसियों के डिलीवरी मैन की मिलीभगत से चल रहा है। एक एजेंसी संचालक के अनुसार अवैध रिफलिंग का कारोबार करने वाले डिलीवरी मैन के सम्पर्क में रहते हैं। अगर किसी उपभोक्ता के घर डिलीवरी मैन सिलेंडर लेकर पहुंचता है और उसके पास सिलेंडर खाली नहीं होता है या फिर ओटीपी नहीं होता तो वह सिलेंडर वापिस लेकर चला जाता है। रास्ते में सिलेंडरों की अवैध रिफलिंग करने वाले डिलीवरी मैन से सम्पर्क करते हैं और उसे कुछ रकम देकर सिलेंडर खरीद लेते हैं।
Published on:
22 May 2026 07:02 am
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