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जयपर: मुथूट फाइनेंस से सोना लूट की परतें उधड़ी, मास्टरमाइंड पकड़ से बाहर

जयपुर के मानसरोवार थाना इलाके में मुथूट फाइनेंस में हुई लूट के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

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Jaipur muthoot finance loot

जयपुर। जयपुर के मानसरोवार थाना इलाके में मुथूट फाइनेंस में हुई लूट के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि पुलिस को अभी तक वारदात का मुख्य सरगना हाथ नहीं लगा है, लूट का सोना भी उसी के पास है। पुलिस को मुख्य आरोपी को तलाश कर रही है। आरोपी ने करीब 26 किलो सोना ले गए थे।

एडिशनल कमिश्नर प्रफुल्ल कुमार ने बताया कि सीसीटीवी कैमरों से जो सुराग मिले उसके आधार पर अलग—अलग टीमें बनाकर दिल्ली, पटना आदि स्थानों पर दबिश दी गई। बिहार गई टीम ने वैशाली जिले के सदर थाना क्षेत्र में रामनारायण धर्मशाला स्टेशन रोड हाजीपुर वैशाली निवासी शुभम उर्फ सेतु (21) एवं नगर थाना क्षेत्र में वीर कुंवर सिंह कॉलोनी हाजीपुर वैशाली निवासी पंकज उर्फ बुल्ला (25) तथा तगोल पोस्ट हाजीपुर निवासी विशाल कुमार उर्फ विक्की उर्फ रहमान (27) को 21 अगस्त को पटना से गिरफ्तार किया गया।

उन्होंने बताया कि आरोपियों ने उत्तर प्रदेश के नोयडा में एक फ्लैट किराए पर भी ले रखा था। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि यह वारदात सुबोध उर्फ राजीव और अन्नू के साथ अंजाम देना स्वीकार किया है। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने गत 3 जुलाई को मुथूट फाइनेंस कम्पनी की शाखाओं की रैकी की थी। इसके बाद दिल्ली जाकर अन्य साथियों के साथ मिलकर मानसरोवर स्थित मुथूट फाईनेंस गोल्ड लोन ब्रांच में वारदात को अंजाम देने की योजना बनाई। इसके लिए आगरा से दो मोटरसाइकिल खरीदी तथा टोंक जिले के निवाई में एक मकान किराए पर लिया।

उन्होंने बताया कि आरोपियों ने 21 जुलाई को दो मोटरसाईकिलों पर सवार होकर जयपुर के मानसरोवर स्थित मुथूट गोल्ड लोन फाइनेस में हथियारों से डरा धमका कर 26 किलो सोना लूटकर फरार हो गए। उन्होंने बताया कि इस मामले में शेष आरोपियों की तलाश एवं लूटे गए माल की बरामदगी के प्रयास किये जा रहे हैं।

तीन स्टेट तलाश रही है मास्टमाइंड
सोना लूट की वारदात पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु में भी हुई है। जिसमें सहयोगी पकड़े जा चुके है लेकिन मास्टरमाइंड और माल दोनों ही बरामद नहीं कर पाई। इसी बदमाश ने दोनों वारदात को अंजाम दिया था।

यूं देता था अंजाम
वारदात का मास्टरमाइंड हर बार वारदात से पहले नई टीम तैयार करता है। वारदात में महज एक बार ही एक साथी को रखता था। उसे तय किए गए रुपए देकर लूटा गया माल खुद रखता था।