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परीक्षा की घड़ी नजदीक, लेकिन अब तक पूरी नहीं हो पाई तैयारी

स्वच्छता सर्वेक्षण : सफाई की उचित व्यवस्था न होने से बिगड़ सकता है अंकों का गणित
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jaipur nagar nigam

परीक्षा की घड़ी नजदीक, लेकिन अब तक पूरी नहीं हो पाई तैयारी

अश्विनी भदौरिया/जयपुर. स्वच्छता सर्वेक्षण की परीक्षा शुरू हो चुकी है, लेकिन अब तक शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर नहीं आ पाई है। चौंकाने वाली बात है कि पांच हजार अंकों के सर्वेक्षण में से 1000 से अधिक नंबरों के लिए तैयारी तो नगर निगम की आधी-अधूरी ही है। यदि समय रहते तैयारी नहीं की गई तो रैंकिंग में स्थान गिरना तय है।
भरे डस्टबिन व खुले में बने कचरा डिपो सर्वेक्षण टीम की निगरानी के दौरान सफाई व्यवस्था की पोल खोल सकते हैं। शुक्रवार को पत्रिका टीम ने विभिन्न इलाकों में सफाई व्यवस्था का जायजा लिया तो रेलवे स्टेशन, बस अड्डा, हवाई अड्डे की स्थिति ठीक थी मगर बाकी शहर की तस्वीर इससे उलट दिखी।

यों बांटे हैं 5000 अंक
1250 कचरा संग्रहण और परिवहन व निस्तारण
1250 सिटीजन फीडबैक और स्वच्छता ऐप
1250 सर्वेक्षण टीम की निगरानी
1250 सर्टिफिकेशन (इसमें 1000 स्टार रेटिंग और 250 ओडीएफ प्लस-प्लस के)


इन मामलों में अभी ये हालात, नम्बर कटने का है डर
250 अंक
ओडीएफ प्लस-प्लस के तहत शौचालयों में हर समय पानी की व्यवस्था, साफ-सफाई रहे।
अभी: कई जगह ताले लगे हैं। एक समय बाद पानी तक हो जाता खत्म।

200 अंक
सभी रिहायशी और व्यावसायिक इलाकों को साफ-सुथरा रखने की व्यवस्था उम्दा हो।
अभी: परकोटा सहित शहर के व्यावसायिक इलाकों की स्थिति ठीक नहीं है।

250 अंक
टॉयलेट साफ-सुथरे हों और लोग इनका उपयोग कर रहे हों।
अभी: भीड़ भरे इलाकों को छोड़ दें तो कई जगह स्थिति ठीक नहीं। अजमेरी गेट पर लगे मोबाइल टॉयलेट को चालू नहीं किया गया है।

100 अंक
स्वच्छ भारत के संदेश शहर भर में दिखाई दें।
अभी: सर्वेक्षण शुरू होने के 14 दिन बाद भी संदेश बड़े स्तर पर नहीं दिखाई दे रहे हैं। जबकि 50-100 मीटर पर सफाई से जुड़े संदेश दिखें।

200 अंक
कच्ची बस्तियों के सौंदर्यीकरण, पुराने शहर व फ्लाइओवर का सौंदर्यीकरण।
अभी: कच्ची बस्तियों में सफाई व्यवस्था ही ठीक से नहीं हो पाई है, ऐसे में सौंदर्यीकरण तो दूर की बात है।

170 अंक
सब्जी, फल व अन्य मंडियां साफ हों।
अभी: पिछली बार शहर की कुछ सब्जी मंडियों को आदर्श बनाया था। उनकी भी स्थिति खराब है। अब तक यहां पर कोई काम ही शुरू नहीं हुआ है।