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Jaipur News : ‘अचानक वो आया और…’, टाइगर अटैक का आंखों-देखा हाल, चंद सेकंड्स में आई मौत

Jaipur Tiger Attack Update : 'अचानक वो आया और...', जयपुर के नाहरगढ़ पार्क में टाइगर अटैक का आंखों देखा हाल। वन विभाग और परिजनों के बीच 4 मांगों पर बनी सहमति।
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जयपुर

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Nakul Devarshi

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Updated: 2 Sep 2026, 2:52 PM IST

jaipur nahargarh tiger attack sugna devi eyewitness

Jaipur Nahargarh Tiger Attack Incident - PIC

जयपुर स्थित नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में बुधवार सुबह हुए दर्दनाक टाइगर अटैक के बाद का खौफनाक मंजर और घटना का आंखों-देखा हाल अब सामने आ गया है। एनक्लोजर नंबर 16 में सूखी घास काट रही महिला मजदूरों में से जान बचाकर भागी प्रत्यक्षदर्शियों ने उस खौफनाक चंद सेकंड्स की कहानी बताई है, जिसमें 42 वर्षीय सुगना देवी की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं दूसरी ओर, घटना के बाद नांगल गांव के ग्रामीणों और परिजनों द्वारा शुरू किया गया भारी विरोध प्रदर्शन और धरना, वन विभाग के आला अधिकारियों के साथ हुई वार्ता और 4 मुख्य बिंदुओं पर बनी सहमति के बाद समाप्त हो गया है। प्रशासन और परिजनों के बीच हुए समझौते के बाद मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया है।

साथ काम कर रही महिलाओं का 'दर्दनाक' बयान

घटना के समय एनक्लोजर के अंदर सुगना देवी के साथ 6 अन्य महिला मजदूर मौजूद थीं। जान बचाकर बाहर निकलीं साथी महिला मजदूरों ने उस खौफनाक मंजर का ब्योरा दिया।

महिलाओं ने बताया, 'हम लोग ध्यान से नीचे झुककर घास काट रहे थे। अचानक देखा तो टाइगर 'शिवाजी' बिल्कुल सामने खड़ा था। किसी को संभलने या चीखने तक का मौका नहीं मिला।'

एक अन्य साथी महिला ने बताया, 'हम बदहवास होकर बाहर की तरफ भागीं और एक महिला जान बचाने के लिए वहीं पास के पेड़ पर चढ़ गई। सुगना ने भी जान बचाकर भागने की कोशिश की, लेकिन टाइगर ने झपट्टा मारकर उनका पैर पकड़ लिया और उन्हें खींच लिया। महज कुछ ही सेकंड्स में उसने हमला कर दिया।'

वन विभाग के साथ इन 4 मांगों पर सहमति

हादसे के बाद नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के गेट पर नांगल गांव के लोग और परिजन 1 करोड़ रुपये के मुआवजे और पक्की सरकारी नौकरी की मांग को लेकर अड़ गए थे। पुलिस और वन विभाग के उच्च अधिकारियों के साथ चली लंबी बातचीत के बाद 4 बिंदुओं पर सहमति बनी:

10 लाख रुपये का तत्काल मुआवजा: राज्य सरकार के मौजूदा प्रशासनिक प्रावधानों के तहत मृतका सुगना देवी के आश्रित परिवार को तुरंत 10 लाख रुपये की मुआवजा राशि दी जाएगी।

दोनों बच्चों को संविदा पर नौकरी: मृतका के दोनों बच्चों को वन विभाग में संविदा पर रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।

अतिरिक्त मुआवजे और पक्की नौकरी का प्रस्ताव: परिजनों के अतिरिक्त मुआवजे और स्थायी सरकारी नौकरी की मांग को लेकर राज्य सरकार के उच्च स्तर पर विशेष प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा।

दोषी कर्मचारी पर तत्काल सस्पेंशन: प्रथम दृष्टया बिना जांच किए एनक्लोजर/कराल का ताला खोलने की गंभीर लापरवाही बरतने वाली वनरक्षक हंसा देवी और जिम्मेदार स्टाफ के खिलाफ निलंबन की सख्त कार्रवाई की जा रही है।

    लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस, जांच समिति गठित

    जयपुर के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि पार्क में सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। घटना की जांच के लिए एक विशेष कमेटी का गठन कर दिया गया है, जो यह रिपोर्ट देगी कि एनक्लोजर के अंदर मजदूर मौजूद होने के बावजूद कराल का गेट कैसे खुल गया।

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