
Jaipur Nahargarh Tiger Attack Incident PIC
जयपुर स्थित नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में बुधवार सुबह करीब 9 बजे एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया, जहां घास काटने और सफाई के लिए एनक्लोजर के अंदर गई 42 वर्षीय महिला मजदूर सुगना देवी पर बाघ 'शिवाजी' ने अचानक हमला कर दिया। इस भयानक त्रासदी की खबर फैलते ही मृतका के जमवारामगढ़ के नांगल सुसावतान गांव के ग्रामीण और परिजन गुस्से में आ गए और बायोलॉजिकल पार्क के बाहर धरना शुरू कर दिया। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार करते हुए राज्य सरकार से 1 करोड़ रुपये का आर्थिक मुआवजा और मृतका के दोनों बच्चों को सरकारी नौकरी देने की मांग रखी है। मौके पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और वन विभाग के आला अधिकारी तैनात किए गए हैं।
जानकारी के अनुसार नाहरगढ़ जैविक उद्यान के एनक्लोजर नंबर 16 में बुधवार सुबह करीब 9 बजे सुगना देवी सहित 7 महिला मजदूर सूखी घास काटने और नियमित सफाई के काम के लिए दाखिल हुई थीं। प्रत्यक्षदर्शियों और अधिकारियों के अनुसार, एक वनरक्षक ने एनक्लोजर के अंदर मौजूद मजदूरों को बाहर निकाले बिना ही कराल (पिंजरे का सुरक्षा गेट) का ताला खोल दिया।
ताला खुलते ही बाघ 'शिवाजी' सीधे बाहर आ गया और सफाई कर रही महिलाओं पर हमला कर दिया। बाघ को देखते ही महिलाओं में चीख-पुकार मच गई। 5 महिलाओं ने तुरंत बाहर की तरफ भागकर अपनी जान बचाई, जबकि 1 महिला पास के एक पेड़ पर चढ़कर छिप गई। सुगना देवी ने एनक्लोजर की लोहे की जाली पर चढ़कर बचने की कोशिश की, लेकिन बाघ ने उनका पैर खींचकर उन्हें नीचे गिरा दिया और हमला करके मार डाला।
हादसे के बाद नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के सुरक्षा तंत्र और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) की धज्जियां उड़ने का मामला उजागर हुआ है। नियमों के मुताबिक जब तक किसी एनक्लोजर में कोई इंसानी गतिविधि चलती है, तब तक बाघ या अन्य हिंसक जानवरों के कराल को दोहरी जांच के बाद ही खोला जाता है।
प्रारंभिक जांच में सामने आ रहा है कि ड्यूटी पर तैनात वनरक्षक ने बिना यह सुनिश्चित किए कि सभी 7 महिलाएं एनक्लोजर से बाहर आ चुकी हैं या नहीं, कराल का मुख्य ताला खोल दिया। इसी एक चूक ने सुगना देवी की जान ले ली।
मृतका सुगना देवी जयपुर के पास स्थित नांगल गांव की रहने वाली थीं। जैसे ही यह खबर गांव में पहुंची, वहां मातम छा गया। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण, परिजन और स्थानीय जनप्रतिनिधि नाहरगढ़ पार्क परिसर के बाहर एकत्र हो गए और धरने पर बैठ गए।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें हैं:
दोषी कर्मचारियों और वनरक्षक पर तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई हो।
पीड़ित परिवार को 1 करोड़ रुपये की सहायता राशि मिले।
मृतका के दोनों बच्चों को योग्यता के अनुसार सरकारी नौकरी दी जाए।
इधर, वन विभाग के अधिकारीयों ने वन अधिनियम के प्रावधानों के तहत, 10 लाख रुपए मुआवजे और मृतिका के दोनों बच्चों को संविदा पर रखने का आश्वासन दिया।
स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए जयपुर पुलिस और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। प्रशासन परिजनों को समझाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए एसएमएस (SMS) अस्पताल भिजवाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन परिजन मांगें पूरी होने तक डटे हुए हैं।
वन विभाग के उच्च अधिकारियों ने मामले में विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं और यह पड़ताल की जा रही है कि सफाई के समय मौके पर सुरक्षा गार्ड मौजूद क्यों नहीं थे।
Updated on:
02 Sept 2026 01:45 pm
Published on:
02 Sept 2026 01:45 pm
