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32 अरब की महाठगी: फर्जी निवेश कंपनियों का जाल एमपी से राजस्थान तक फैला, सरगना लविश चौधरी फरार

निवेश के नाम पर ठगी करने वाली अंतरराष्ट्रीय गैंग का नेटवर्क राजस्थान में भी फैल चुका है। जयपुर-जोधपुर की फर्जी स्पोर्ट्स कंपनियों से करोड़ों के ट्रांजेक्शन और हरियाणा की फर्म से 300 करोड़ का लिंक जुड़ा है। अब तक 32 अरब की ठगी हो चुकी है।

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जयपुर

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Arvind Rao

Aug 17, 2025

Jaipur News

निवेश के नाम पर ठगी (फोटो- पत्रिका)

जयपुर: देश भर में निवेश के नाम पर ठगी करने वाली एक अंतरराष्ट्रीय गैंग का नेटवर्क राजस्थान तक फैल चुका है। एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) की जांच में सामने आया है कि इस गैंग ने जयपुर और जोधपुर में खेल कंपनियों के नाम पर फर्जी फर्में खड़ी कर रखी हैं।


बता दें कि इन कंपनियों में केवल एक साल में करोड़ों रुपए के संदिग्ध ट्रांजेक्शन सामने आए हैं। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि ये कंपनियां गैंग के सरगना लविश चौधरी के नाम पर रजिस्टर्ड हैं। एसटीएफ अब इन फर्मों से जुड़े दस्तावेज और ट्रांजेक्शन की गहन पड़ताल कर रही है।


हरियाणा की कंपनी से जुड़ा 300 करोड़ का लेन-देन


जांच का दायरा तब और बढ़ा जब यॉर्कर एफएक्स और यॉर्कर कैपिटल नामक फर्जी फर्मों का फर्जीवाड़ा सामने आया। एसटीएफ ने गहराई से छानबीन की तो हरियाणा की एक कंपनी जांच के घेरे में आई। वहां अरबों रुपए के संदिग्ध ट्रांजेक्शन सामने आए।


छापेमारी के दौरान पता चला कि कंपनी महज एक कमरे से संचालित की जा रही थी। जब कंपनी की डिटेल निकाली गई तो राजस्थान में संचालित खेल फर्मों के साथ उसके लिंक मिले। केवल इस हरियाणा फर्म से ही 300 करोड़ रुपए के फर्जी लेन-देन का खुलासा हुआ है।


इंदौर से शुरू हुई शिकायत और बड़ा खुलासा


इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ, जब इंदौर निवासी ईशान सलूजा ने यॉर्कर एफएक्स और यॉर्कर कैपिटल के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। सलूजा ने आरोप लगाया कि निवेश पर मुनाफा दिलाने के नाम पर उससे 20.18 लाख रुपए की ठगी की गई। इस शिकायत के बाद एसटीएफ ने मामला अपने हाथ में लिया और जांच के लिए एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) का गठन किया।


जांच में हैरान कर देने वाले तथ्य


जांच के दौरान एसटीएफ को हैरान कर देने वाले तथ्य सामने आए। पता चला कि इंडेंट बिजनेस सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के बैंक खाते में वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान 7.2 अरब रुपए का ट्रांजेक्शन हुआ है। वहीं, रेंटल टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड नाम की दूसरी कंपनी के खाते में इसी अवधि में 15.80 अरब रुपए का लेन-देन मिला। इस तरह कुल 32 अरब रुपए से ज्यादा का फर्जी ट्रांजेक्शन सामने आ चुका है।

राजस्थान में होगी सर्चिंग, फरार है डायरेक्टर


एसटीएफ ने अब राजस्थान में संचालित दोनों फर्मों से संबंधित जानकारी जुटा ली है। टीमों ने जयपुर और जोधपुर स्थित कंपनियों के डायरेक्टर और कर्मचारियों से पूछताछ की तैयारी शुरू कर दी है। खास बात यह है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, कई डायरेक्टर फरार हो चुके हैं। ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) और ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध शाखा) के शिकंजे के बाद इन फर्जी कंपनियों के जिम्मेदार लोग गायब होने लगे हैं।


स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ ने गैंग के सरगना लविश चौधरी सहित चार लोगों के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी कर दिया है। अब एजेंसियां राजस्थान समेत देशभर में इस नेटवर्क की जड़ें तलाश रही हैं।