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Jaipur News: अतिक्रमण की जंजीरों में कैद हैरिटेज बाजार, तंग सड़कें और भीड़ बेशुमार

Jaipur Markets: ये बाजार न केवल खरीदारी के लिए लोकप्रिय है, बल्कि त्योहारी मौसम में इनमें भीड़ भी बढ़ जाती है।
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जयपुर

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Supriya Rani

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Updated: 23 Oct 2024, 2:10 PM IST

Jaipur News: चारदीवारी के भीतर चांदपोल गेट से गलता गेट तक फैले लगभग 4 किलोमीटर के दायरे में चार प्रमुख बाजार-चांदपोल, त्रिपोलिया, रामगंज और सूरजपोल शहर के सुनियोजित विकास का प्रतीक हैं। ये बाजार न केवल खरीदारी के लिए लोकप्रिय है, बल्कि त्योहारी मौसम में इनमें भीड़ भी बढ़ जाती है।

किस बाजार में क्या खास…

- त्रिपोलिया बाजार: बर्तन, हार्डवेयर का सामान, रंग-पेंट, बहीखाते और कागज।

- चांदपोल बाजार: किराना, घी-तेल, ड्राईफ्रूट्स, रेडिमेड कपड़े, ज्वैलरी और मूर्तियां।

- रामगंज बाजार: पान मंडी, सराफा मार्केट, कपड़ा मार्केट, और किराने का सामान।

- सूरजपोल बाजार: साड़ी बाजार।

रामगंज बाजार: पान मंडी की पहचान

रामगंज बाजार अपनी पान मंडी और सराफा मार्केट के लिए जाना जाता है। इस बाजार में किराना और कपड़ों का भी मार्केट है, लेकिन अव्यवस्थित यातायात और पार्किंग की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। ट्रैफिक पुलिस की कमी ने यहां जाम की समस्या को बढ़ा दिया है।

चांदपोल बाजार: स्मार्ट सिटी का सपना अधूरा

चांदपोल बाजार में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत सीसी सड़कें और अंडरग्राउंड डक्ट्स बनाए गए हैं। हालांकि, व्यापारियों और आम जनता को इसका अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है। दीनानाथजी का रास्ता ड्राईफ्रूट मंडी के लिए जाना जाता है, जबकि खजाने वालों का रास्ता कपड़ा और मूर्ति बाजार के लिए प्रसिद्ध है।

त्रिपोलिया बाजार बर्तनों और हार्डवेयर का गढ़

त्रिपोलिया बाजार जयपुरी शैली के कंगूरों और अशोक के पेड़ों से भरा हुआ है, जो इसके ऐतिहासिक महत्व को दर्शाते हैं। यहां बड़ी चौपड़ से त्रिपोलिया गेट तक बर्तनों की दुकानें हैं, जबकि त्रिपोलिया गेट से छोटी चौपड़ तक कलर-पेंट और हार्डवेयर की दुकानों की कतार लगी है। इस बाजार में कुल 382 दुकानें हैं। प्रदेशभर से लोग यहां खरीदारी के लिए आते हैं।

मुख्य समस्याएं

- अतिक्रमण: चांदपोल, त्रिपोलिया, रामगंज और सूरजपोल बाजारों में बरामदों से सड़क तक अस्थायी अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है।

- अव्यवस्थित पार्किंग: बाजारों में पार्किंग की कमी और जाम की समस्या गंभीर हो गई है।

- लाइटों की कमी: बरामदों में लाइटें बंद पड़ी हैं और जिन बरामदों का जीर्णोद्धार किया गया, उनमें लाइटें स्थापित नहीं की गई हैं।

- शौचालय की कमी: बाजारों में शौचालयों की संख्या कम है, विशेष रूप से महिलाओं के लिए टॉयलेट की अधिक आवश्यकता है।

- पेड़ों की देखभाल: त्रिपोलिया बाजार में अशोक के पेड़ों की उचित देखभाल नहीं हो रही है, जिससे पर्यावरण पर असर पड़ रहा है।

- फेरो कवर: बरामदों में फेरो कवर टूटे पड़े हैं और कई जगह ऊंचाई में असमानता है, जो सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है।

- बिजली के तार: बिजली के तार बरामदों पर लटक रहे हैं, जो हादसे का कारण बन सकते हैं।

- ड्रेनेज सिस्टम: बाजारों में ड्रेनेज सिस्टम ठीक नहीं है, जिससे बारिश के पानी का निकास भी सही से नहीं हो पा रहा है।

इनका कहना है...

सूरजपोल बाजार नया उभरता बाजार है, यहां साड़ियों की कई दुकानें खुल गई हैं। बाजार में कई मंदिर हैं। गलता तीर्थ जाने वाला हर व्यक्ति यहां से गुजरता है। -अनिल ठाकुरिया, महामंत्री, सूरजपोल बाजार

रामगंज बाजार सर्राफा बाजार और पान मंडी के लिए प्रसिद्ध है। यहां खानपान की दुकानें है, लेकिन अव्यवस्थित ट्रैफिक होने से सुबह-शाम जाम लग जाता है। बाजार में रोजाना 20 हजार से अधिक लोगों की आवाजाही रहती है, वहीं करोड़ों का कारोबार होता है। -हुकुमचंद अग्रवाल, अध्यक्ष रामंगज बाजार व्यापार मंडल

चांदपोल बाजार में किराने से लेकर कपड़ों तक का हर सामान उपलब्ध है। यहां लोग बड़ी संख्या में मसाले खरीदने आते हैं। तेल व ड्राइफ्रूट का बड़ा मार्केट होने से यहां रोजाना 20 से 25 करोड़ का कारोबार होता है। रोजाना 20 हजार से अधिक लोगों की आवाजाही होती है। -घनश्याम भूतड़ा, महामंत्री, चांदपोल बाजार व्यापार मंडल

त्रिपोलिया बाजार कलर पेंट व हार्डवेयर का होलसेल मार्केट है, यहां पूरे राजस्थान का 30 प्रतिशत कलर-पेंट बिकता है। बाजार में रोजाना 30 हजार से अधिक लोगों की आवाजाही रहती है, वहीं करीब 50 करोड़ का कारोबार होता है। -राजेन्द्र गुप्ता, अध्यक्ष, त्रिपोलिया बाजार व्यापार मंडल

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