
जयपुर बन रहा सभी आतंकियों के लिए सेफ ज़ोन (Photo-AI Generated)
Gangster Network Jaipur: गुलाबी नगरी का जो शांत मिजाज, महफूज माहौल और सांस्कृतिक विरासत कभी उसकी सबसे बड़ी पहचान हुआ करते थे, आज वही जयपुर देश-प्रदेश के शातिर अपराधियों के लिए सबसे मुफीद ठिकाना बनता जा रहा है। पुलिस के हालिया आंकड़े और फाइलों में दर्ज मामले इस चौंकाने वाले और कड़वे सच की गवाही दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और यहां तक कि पड़ोसी देश नेपाल तक के शातिर बदमाशों ने अब जयपुर को अपनी सुरक्षित पनाहगाह (शरणगाह) बना लिया है। दरअसल, शहर का तेजी से होता शहरीकरण, बिना किसी पुख्ता जांच-पड़ताल के आसानी से मिलने वाले फ्लैट्स व पेइंग गेस्ट आवास इन बाहरी अपराधियों के लिए सबसे बड़ा सुरक्षा कवच बन रहे हैं। 'किरायेदार सत्यापन का अभाव' सबसे कमजोर कड़ी साबित हो रहा है।
जयपुर एक मेट्रो सिटी की तरह फैल रहा है। ऐसे में हमें 'ट्रेडिशनल पुलिसिंग' से हटकर 'स्मार्ट डिजिटल पुलिसिंग' अपनानी होगी। बीट कांस्टेबलों को अपने क्षेत्र के हर मकान की जानकारी होनी चाहिए। साइबर सेल को और अधिक मजबूत करना समय की मांग है।
खामी: किरायेदार, पहचान पत्रों के सत्यापन में लापरवाही।
समाधान: बीट कांस्टेबल नियमित सत्यापन करें और संदिग्ध व्यक्तियों की डिजिटल मॉनिटरिंग हो।
खामी: संयुक्त निगरानी का अभाव।
समाधान: रिहायशी क्षेत्रों में निरीक्षण और अवैध इकाइयों पर तत्काल कार्रवाई हो।
खामी: संवेदनशील एटीएम पर सुरक्षा और अलार्म सिस्टम पर्याप्त नहीं थे।
समाधान: सभी एटीएम पर हाई-सिक्योरिटी सेंसर, अलार्म होने चाहिए।
खामी: निगरानी पर्याप्त नहीं।
समाधान: सादा वर्दी में पुलिस, सीसीटीवी और लगातार गश्त बढ़ाई जाए।
खामी: एटीएम बूथों की सुरक्षा और निगरानी कमजोर रही।
समाधान: पुलिस गश्त, बैंक सुरक्षा और मुखबिर तंत्र को मजबूत किया जाए।
खामी: अंतरराज्यीय अपराधियों की गतिविधियों पर निगरानी नहीं थी।
समाधान: होटल सत्यापन और अंतरराज्यीय गैंग का साझा पुलिस डाटाबेस तैयार किया जाए।
खामी: होटल में ठहरने वालों का प्रभावी सत्यापन नहीं हुआ।
समाधान: होटल रिकॉर्ड की नियमित जांच और संदिग्ध गतिविधियों पर पुलिस की त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए।
खामी: साइबर जागरूकता और रोकथाम तंत्र कमजोर रहा।
समाधान: संदिग्ध लेन-देन पर तत्काल कार्रवाई हो।
खामी: घरेलू नौकरों का पुलिस सत्यापन नहीं कराया गया।
समाधान: अनिवार्य पुलिस सत्यापन सुनिश्चित किया जाए।
खामी: खुफिया निगरानी और समन्वय कमजोर रहा।
समाधान: राज्यों के बीच इंटेलिजेंस साझा होना चाहिए।
Q. जयपुर बाहरी राज्यों के अपराधियों का गढ़ बन चुका है?
जवाब: हम अपराधियों के खिलाफ बेहद सख्त हैं। शहर में बाहरी बदमाशों की धरपकड़ के लिए लगातार 'एरिया डोमिनेशन' अभियान चलाया जा रहा है।
Q. अपराध तो बढ़ते ही जा रहे हैं?
जवाब: सभी थानाधिकारियों और बीट प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्रों में रहने वाले हर नए और संदिग्ध व्यक्ति का भौतिक सत्यापन करें। जनता को भी सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस का सहयोग करना चाहिए।
Updated on:
19 Jul 2026 12:45 pm
Published on:
19 Jul 2026 12:45 pm
