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Rajasthan : जयपुर में नाइट बाजार योजना अगर हो जाए साकार, तो मिलेंगे कई बड़े फायदे

Jaipur News : जयपुर में सात साल से नाइट बाजार योजना अटकी है। कभी विरोध तो कभी अफसरशाही ने रोका रास्ता। नाइट बाजार योजना अगर साकार हो जाए तो मिलेंगे कई बड़े फायदे। जानें वो फायदे क्या होंगे?

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Jaipur night market plan becomes a reality then it will provide many big benefits

जयपुर में नाइट बाजार योजना। फोटो पत्रिका

Jaipur News : राजस्थान के गुलाबी नगर जयपुर में पिछले सात वर्ष से नाइट बाजार विकसित करने की कवायद की जा रही है। कभी योजना का स्थानीय लोगों ने विरोध कर दिया, तो कभी अधिकारियों की जल्दबाजी ने इसे डुबो दिया। जयपुर ऐतिहासिक धरोहरों, सांस्कृतिक विविधता और पर्यटन के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। इन्हीं को देखने के लिए रोज हजारों सैलानी पहुंचते हैं। यदि नाइट बाजार योजना साकार हो जाए तो सैलानी न सिर्फ रात को रुकेंगे, बल्कि स्थानीय उत्पाद की खरीदारी करेंगे। इससे शहर की अर्थव्यवस्था को पंख लगेंगे। लेकिन नाइट बाजार को लेकर न तो जनप्रतिनिधियों ने ध्यान दिया और न ही अधिकारियों ने गंभीरता से काम किया।

दो बार योजना फेल

1- सबसे पहले चौड़ा रास्ता में नाइट बाजार विकसित करने का प्लान बनाया गया, लेकिन स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया। नतीजा, योजना धरातल पर नहीं उतर पाई। पार्किंग की भी व्यवस्था की गई थी।
2- जलमहल की पाल पर नाइट बाजार चालू किया गया, लेकिन जयपुर के कल्चर से यह मेल नहीं खाता था। एनजीटी की आपत्ति के बाद इसे बंद कर दिया गया। अब किसी का ध्यान नहीं है।

ये होंगे फायदे

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
जयपुर में साल भर लाखों देसी-विदेशी पर्यटक आते हैं। नाइट बाजार उन्हें रात के समय भी स्थानीय संस्कृति, हस्तशिल्प और खानपान का आनंद लेने का अवसर देगा। इससे पर्यटक अधिक समय शहर में रुकेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को लाभ होगा।

छोटे व्यापारियों को मिलेगा मंच
नाइट बाजार में स्थानीय कारीगर, हस्तशिल्प विक्रेता और छोटे व्यापारी अपने उत्पादों को प्रदर्शित कर बेच सकेंगे। यह स्वरोजगार को प्रोत्साहित करेगा और बेरोजगारी में भी कमी ला सकता है।

शहर की छवि को मिलेगी मजबूती
एक सुनियोजित नाइट बाजार जयपुर को स्मार्ट सिटी की दिशा में और आगे ले जाएगा। यह शहर की आधुनिक और जीवंत छवि को विश्व पटल पर मजबूत करेगा।

इन चुनौतियों को भी करना होगा दूर

ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या
परकोटा क्षेत्र में यदि बाजार विकसित किया जाता है तो वहां पार्किंग और ट्रैफिक की समस्या से परेशान होना पड़ सकता है।
ध्वनि और प्रकाश प्रदूषण
रात के समय तेज रोशनी और संगीत से आसपास के निवासी परेशान हो सकते हैं। इससे ध्वनि और प्रकाश प्रदूषण भी बढ़ेगा, जिसे नियंत्रित करना जरूरी होगा।