
जयपुर में मशहूर कैफे-रेस्टोरेंट के नाम पर धोखा (फोटो-एआई)
Jaipur Online Delivery Fraud: त्योहार पर घर में मेहमान आने वाले हैं। आपने नामी कैफे की पेस्ट्री, मशहूर बेकरी का केक या पसंदीदा रेस्टोरेंट से खाना ऑर्डर किया। मोबाइल स्क्रीन पर ब्रांड का नाम देखकर भरोसा किया, लेकिन डिलीवरी का पैकेट हाथ में आते ही शक होने लगा। पैकिंग और स्वाद अलग हैं। बिल पर दर्ज प्रतिष्ठान का नाम भी उस दुकान से मेल नहीं खा रहा, जिस पर भरोसा करके ऑर्डर किया था। सवाल है कि जिस ब्रांड के नाम पर पैसे चुकाए, क्या खाना वास्तव में वहीं तैयार हुआ? स्क्रीन पर दिख रहे नाम पर भरोसा करें या पैकेट पर लिखे पते पर?
त्योहारी सीजन में ऑनलाइन फूड डिलीवरी की मांग बढ़ने के साथ प्रतिष्ठित कैफे, बेकरी और रेस्टोरेंट के मिलते-जुलते नामों से ग्राहकों के भ्रमित होने की शिकायतें आ रही हैं। इससे ग्राहकों को गुणवत्ता और स्वाद के मामले में निराशा होती है।
जयपुर शहर के प्रतिष्ठित कारोबारियों के लिए भी यह स्थिति परेशानी का कारण बन रही है। मिलते-जुलते नाम से दूसरे विक्रेता के सामान की गुणवत्ता का असर असली प्रतिष्ठान की छवि पर पड़ सकता है। इससे बचने के लिए कुछ प्रतिष्ठान ऑनलाइन मंचों पर अपने आधिकारिक नाम के साथ विशेष कोड या पहचान चिह्न का इस्तेमाल कर रहे हैं।
केस 1: मंगाया केक, दूसरी बेकरी का निकला
वैशाली नगर निवासी जितेंद्र ने ऑनलाइन एक नामी बेकरी के नाम से केक ऑर्डर किया। डिलीवरी मिलने पर केक की गुणवत्ता उम्मीद के मुताबिक नहीं थी। शिकायत लेकर संबंधित बेकरी पहुंचे तो पता चला कि केक दूसरी बेकरी से आया था, जिसका नाम मिलता-जुलता था।
केस 2: रेस्टोरेंट ने कहा—हमने तो ऑर्डर ही नहीं लिया
महेश नगर निवासी रजत कुमार ने मानसरोवर के एक रेस्टोरेंट के नाम से खाना ऑर्डर किया। खाने का स्वाद अलग लगा। रेस्टोरेंट को फोन कर शिकायत की तो बताया गया कि ऑर्डर लिया ही नहीं था। बाद में पता चला कि मिलते-जुलते नाम से कोई अन्य विक्रेता फूड डिलीवरी कर रहा था।
नाम और पता जांचें: ऑर्डर करने से पहले विक्रेता का पूरा नाम, पता और प्रतिष्ठान की पहचान देखें।
आधिकारिक पेज से मिलान करें: संबंधित बेकरी या रेस्टोरेंट की वेबसाइट अथवा आधिकारिक सोशल मीडिया पेज से पुष्टि करें कि वह ऑनलाइन मंच पर सूचीबद्ध है।
विशेष कोड देखें: प्रतिष्ठान के नाम के साथ कोई पहचान कोड या चिह्न दिया गया है, तो उसका मिलान करें।
बिल और पैकिंग जांचें: डिलीवरी मिलने पर बिल, पैकेट पर दर्ज नाम और उपलब्ध खाद्य सुरक्षा लाइसेंस की जानकारी देखें।
शिकायत के प्रमाण रखें: नाम, पैकिंग या गुणवत्ता में अंतर मिलने पर बिल और पैकेट की तस्वीरें सुरक्षित रखें। संबंधित ऑनलाइन मंच और खाद्य सुरक्षा विभाग में शिकायत करें।
“हमने अपने प्रतिष्ठान की पहचान बनाने में वर्षों मेहनत की है। ऑनलाइन मंच पर कोई मिलता-जुलता नाम इस्तेमाल कर ग्राहकों तक अपना उत्पाद पहुंचाता है, तो ग्राहक भ्रमित होते हैं। हमने अपनी बेकरी के नाम के साथ विशेष कोड लगाना शुरू किया है, ताकि ग्राहक असली प्रतिष्ठान की पहचान कर सकें।”
-मुकेश यादव, संचालक, प्रतिष्ठित बेकरी, वैशाली नगर
“कई बार ग्राहक खाने की गुणवत्ता को लेकर शिकायत करते हैं, लेकिन जांच में पता चलता है कि संबंधित ऑर्डर हमारे यहां से आया ही नहीं। नाम में समानता के कारण ग्राहक को लगता है कि खाना हमारे रेस्टोरेंट में तैयार हुआ है। इससे हमारी साख प्रभावित होती है। ऑनलाइन मंचों पर विक्रेता की पहचान स्पष्ट होनी चाहिए।”
-महेश तनवानी, रेस्टोरेंट संचालक, जयपुर
Updated on:
20 Oct 2026 09:00 am
Published on:
20 Oct 2026 09:00 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
