21 अगस्त 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Ground Report: गाड़ी खड़ी कीजिए, 50 रुपए दीजिए… जयपुर के पार्किंग स्थलों में खुलेआम अवैध वसूली

जयपुर में पार्किंग स्थलों पर खुलेआम अवैध वसूली का मामला सामने आया है। यह एक जगह नहीं, बल्कि शहर में अनेक जगह ऐसे ही चल रहा है। ठेका नहीं, फिर भी पार्किंग फुल। कहीं 50 रुपए प्रति घंटा, कहीं बिना पर्ची वसूली। जमीन पर उतरकर पत्रिका संवाददाताओं नें खंगाली असलियत।
3 min read
Google source verification

जयपुर

image

Kamal Mishra

Aug 22, 2026

jaipur parking

Jaipur Parking: पार्किंग की पर्ची काटता युवक (फोटो-पत्रिका)

जयपुर। गाड़ी खड़ी कीजिए, 50 रुपए दीजिए…पर्ची लीजिए या नहीं, इससे शायद कोई फर्क नहीं पड़ता। न आने का समय दर्ज, न जाने का हिसाब। कहीं निगम का ठेका खत्म हो चुका है, फिर भी पार्किंग चल रही है। कहीं बिना पर्ची वाहन खड़े करवाए जा रहे हैं। कहीं कुछ ही दूरी पर अलग-अलग दरें वसूली जा रही हैं और कहीं कर्मचारी खुद को निगम का बता रहे हैं, लेकिन पूछने पर कोई प्रमाण नहीं दिखा पा रहे।

शुक्रवार को राजस्थान पत्रिका के दो रिपोर्टरों ने शहर की पार्किंग व्यवस्था की जमीनी पड़ताल की तो सामने आया कि कई जगह पार्किंग के नाम पर नियमों और शर्तों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। सवाल सिर्फ अधिक शुल्क वसूलने का नहीं है, बल्कि यह भी है कि जहां निगम का ठेका ही नहीं है, वहां वसूली कौन कर रहा है और किसके संरक्षण में हो रही है?

पांच बत्ती नाले पर फुल पार्किंग, लेकिन ठेका ही नहीं

पांच बत्ती क्षेत्र में नाले के ऊपर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें मिलीं। पार्किंग पूरी तरह भरी हुई थी। रिपोर्टर ने वाहन खड़ा किया तो 50 रुपए मांगे गए। पर्ची पर भी शुल्क का हिसाब ऐसा था, जिसे लेकर सवाल खड़े होते हैं…पहले एक घंटे के 50 रुपए और इसके बाद हर घंटे के 50 रुपए। बातचीत में सामने आया कि पार्किंग का संचालन मोहम्मद तस्लीम कुरैशी कर रहे हैं। जबकि ठेका समाप्त हो चुका है और निगम की ओर से नया ठेका संचालित नहीं किया जा रहा। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि बिना ठेके पार्किंग का पैसा आखिर किसकी जेब में जा रहा है?

जलमहल से आमेर तक, पर्ची चल रही…पर अधिकार किसका?

जलमहल के सामने भी निगम की पर्ची देकर अवैध रूप से पार्किंग शुल्क वसूला जा रहा था, जबकि यहां भी निगम की ओर से कोई सक्रिय ठेका संचालित नहीं होने की जानकारी सामने आई। यहां गाड़ी खड़ी करने के 50 रुपए वसूल किए गए। बताया गया कि ठेका सुमेर यादव चला रहे हैं। जबकि, कुछ दिन पहले निगम ने इस ठेके का टेंडर निकाला था और उसमें कोई भी नहीं आया था।

यहां देखें वीडियो:

आमेर के मावठा में भी वही हाल

आमेर के मावठा क्षेत्र में रिपोर्टर पहुंचे तो पर्ची काट रहे व्यक्ति ने खुद को निगम से जुड़ा बताया, लेकिन इसका कोई प्रमाण नहीं दे पाया। वाहन खड़ा करने के पहले तीन घंटे के 50 रुपए लिए गए। पर्ची पर न वाहन आने का समय दर्ज किया गया और न ही जाते समय पर्ची वापस ली गई।

रामलीला मैदान: बाइक खड़ी की, पर्ची मांगी तो बहस

रामलीला मैदान में रिपोर्टर ने बाइक खड़ी की। यहां वाहन तो खड़ा करवा दिया गया, लेकिन पर्ची नहीं दी गई। जब शुल्क और पर्ची के बारे में सवाल किया गया तो पार्किंग कर्मचारी बहस पर उतर आया। उसका कहना था कि यहां दोपहिया वाहन खड़े नहीं होते और यदि कोई मजबूरी में वाहन लेकर आ गया तो पर्ची नहीं मिलेगी।

गाड़ी खड़ी करो, हिसाब समझो

चौड़ा रास्ता क्षेत्र में भी पार्किंग शुल्क वसूली में एकरूपता और पारदर्शिता का अभाव नजर आया। जौहरी बाजार गेट के बाहर वाहन खड़ा करने पर 50 रुपए प्रति घंटे के हिसाब से शुल्क लिए जाने की बात सामने आई।

जौहरी बाजार क्षेत्र में निर्धारित दरों की जानकारी भी आम वाहन चालक के लिए आसानी से समझ में आने वाली नहीं दिखी। यहां पहले दो घंटे के 50 रुपए और इसके बाद हर घंटे 100 रुपए शुल्क की व्यवस्था बताई गई, लेकिन वाहन चालकों का कहना है कि शुल्क का स्पष्ट और आसान प्रदर्शन नहीं होने से उन्हें अक्सर यह समझ ही नहीं आता कि आखिर कितने समय के कितने पैसे देने हैं।

यह वीडियो भी देखें :

100 मीटर में बदल गए रेट

मालवीय नगर पुलिया के पास पार्किंग व्यवस्था की पड़ताल में भी अलग-अलग शुल्क वसूली सामने आई। दोपहिया वाहन चालक से एक जगह 20 रुपए लिए गए और करीब 100 मीटर आगे दूसरी जगह 30 रुपए मांगे गए। लोगों ने बताया कि चौपहिया वाहन के लिए पहले 30 रुपए का शुल्क लिया जाता था, जबकि अब 40 रुपए प्रति घंटे के हिसाब से वसूली की जा रही है।

हमें बताएं: क्या आपके साथ भी हो रही है अवैध वसूली

यदि आप शहर की पार्किंग में अपना वाहन खड़ा करते हैं और आपको लगता है कि आपसे वाहन खड़ा करने का अधिक शुल्क वसूला जा रहा है तो हमें बताएं। आपकी बात को हम जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाएंगे। इस मोबाइल नंबर पर संपर्क करें- 9057531314

इन्होंने कहा-

पार्किंग का टेंडर खत्म हो चुका है और उसके बाद अवैध वसूली की जा रही है तो गलत है। इस संबंध में जोन उपायुक्तों से रिपोर्ट लेंगे। अवैध वसूली करने वालों पर कार्रवाई होगी। यदि जरूरत हुई तो संबंधित लोगों पर प्राथमिकी भी दर्ज करवाई जाएगी। -नवीन भारद्वाज, उपायुक्त, राजस्व, नगर निगम