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राजस्थान में हुआ फ़र्ज़ी सरकारी भर्तियां निकाले जाने का बड़ा खुलासा, लाखों बेरोज़गारों को बनाया जा रहा था शिकार

होटल में फर्जी ऑनलाइन भर्ती का साक्षात्कार लेते तीन पकड़े, यूपी, बिहार व कोटा के बाद पहुंचे थे जयपुर

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jaipur crime branch

जयपुर।

जयपुर कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच ने मोतीलाल अटल रोड स्थित एक होटल में इंदौर की कृषि एवं पशुपालन निगम भर्ती के लिए फर्जीवाड़ा कर इंटरव्यू लेने आए तीन लोगों को पकड़ा है। क्राइम ब्रांच ने आरोपितों को जालूपुरा थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया, जहां पर काफी संख्या में पीडि़त भी पहुंचे और मामला दर्ज कराया। पड़ताल के बाद गुरुवार तड़के पुलिस ने तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गया मनीष पांचाल, समीर दीक्षित और दीपक वर्मा इंदौर निवासी हैं।

हर उम्मीदवार से वसूले 7 हजार रुपए
आरोपितों ने दो माह पहले इंदौर की कृषि एवं पशुपालन निगम भर्ती 2017 के लिए वेबसाइट पर राजस्थान, उत्तरप्रदेश, बिहार, मध्यप्रदेश के क्षेत्रों के लिए जिला अधिकारी, जिला मैनेजर, एरिया मैनेजर सहित पांच पदों पर भर्ती निकाली। इसमें सबसे निचले पद के लिए आवेदन शुल्क 700 रुपए रखा।

20 हजार लोगों ने आवेदन दिया, इनमें से 8500 लोगों का साक्षात्कार के लिए चयन किया। आरोपित उत्तर प्रदेश, बिहार, कोटा में इंटरव्यू लेने के बाद बुधवार सुबह जयपुर में पहुंचे थे। यहां होटल नीलम में लोगों को इंटरव्यू के लिए बुलाया था। राजस्थान के कई शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से 150 लोग इंटरव्यू के लिए पहुंचे। इनमें कुछ लोगों को फर्जीवाड़े की आशंका हुई तो क्राइम ब्रांच को सूचना दी।

पुलिसकर्मी भी पहुंचे साक्षात्कार देने
क्राइम ब्रांच के पुलिसकर्मी सूचना पर होटल में इंटरव्यू देने पहुंचे, वहां कुछ देर निगरानी रखने पर फर्जीवाड़े का पता चलने पर डीसीपी विकास पाठक को अवगत करवाया। डीसीपी ने कार्रवाई करते हुए आरोपितों को पकड़कर जालूपुरा थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया।

थानाधिकारी लिकमाराम ने बताया कि पकड़े गए आरोपितों से अनुसंधान जारी है। वहीं जयपुर के शाहपुरा निवासी भारत शर्मा ने बताया कि उसके साथ करीब 50 लोगों ने आरोपितों के खिलाफ थाने पर मामला दर्ज कराया है। भर्ती निगम के डायरेक्टर अविनाश अजमेरा और पंकज वर्मा बताए जाते हैं। भारत ने बताया कि जांच के बाद थाना पुलिस ने आरोपितों का फर्जी लाइसेंस होना बताया है।

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