
भारत जोड़ो सेतु (फोटो- पत्रिका)
जयपुर: नगर निगम ग्रेटर का कार्यकाल समाप्त होने से ठीक पहले सेंट्रल पार्क और भारत जोड़ो सेतु के नाम बदलने को लेकर हुए निर्णय पर विवाद गहरा गया है। जयपुर ग्रेटर नगर निगम की कार्यकारिणी समिति की बैठक के नौ दिन बाद और निगम का कार्यकाल समाप्त होने के बाद सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कर यह मुद्दा उठा दिया।
गहलोत ने लिखा कि जिस जगह सेंट्रल पार्क है, उस जमीन को भैरोंसिंह शेखावत के मुख्यमंत्री काल में ज्वेलर्स के लिए आवंटित किया जा रहा था। बाद में इसे गोल्फ क्लब और पोलो क्लब के लिए देने का प्रयास हुआ, जिसका कांग्रेस ने विरोध किया था।
उन्होंने कहा कि राज्य में कांग्रेस सरकार बनने के बाद न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क की तर्ज पर इसे जयपुर के लोगों के लिए विकसित किया गया। उन्होंने लिखा कि भाजपा सरकार स्वयं कोई नया निर्माण नहीं कर सकती। इसलिए कांग्रेस सरकार के प्रोजेक्ट्स के नाम बदल रही है।
गहलोत ने कहा कि भाजपा सरकार को सरदार पटेल और पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोंसिंह शेखावत को सम्मान देने के लिए नए प्रोजेक्ट बनाकर उनका नामकरण करना चाहिए था। गौरतलब है कि एक नवंबर को ग्रेटर नगर निगम की कार्यकारिणी बैठक में सेंट्रल पार्क का नाम भैरोंसिंह शेखावत मेमोरियल पार्क और भारत जोड़ो सेतु का नाम सरदार वल्लभभाई पटेल सेतु किया गया था। नाम बदलने के बाद पहली बार कांग्रेस की ओर से बयान सामने आया है, जिसके बाद से हलचल है।
भाजपा नेताओं पर निशाना साधते हुए अशोक गहलोत ने लिखा कि शेखावत के निधन के दिन ही कांग्रेस सरकार ने विद्याधर नगर स्टेडियम में उनके दाह संस्कार के लिए जमीन आवंटित की और वहीं उनका स्मारक बनाया। अपने पोस्ट में उन्होंने आरएसएस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जयपुर में हेडगेवार और गोलवलकर के नाम पर स्थानों का नामकरण समझ से परे है।
गहलोत ने लिखा कि भाजपा सरकार ने गुजरात में सरदार पटेल स्टेडियम का नाम बदलकर नरेंद्र मोदी स्टेडियम किया। जबकि कांग्रेस सरकार ने सरदार पटेल के नाम पर जोधपुर में पुलिस यूनिवर्सिटी स्थापित की।
भैरोंसिंह शेखावत राजस्थान के तीन बार मुख्यमंत्री रहे और उपराष्ट्रपति भी रहे। उनके सम्मान में यदि किसी पार्क का नामकरण होता है तो अशोक गहलोत को क्यों आपत्ति होनी चाहिए? वे केवल सोनिया और राहुल गांधी के परिवार की भक्ति करना जानते हैं। उनकी नजर में कोई महापुरुष नहीं है, कोई राजनेता नहीं है।
-कालीचरण सराफ, भाजपा विधायक
Updated on:
11 Nov 2025 07:22 am
Published on:
11 Nov 2025 07:22 am
