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कपड़े खरीदने हो या ड्रायफ्रूट, चले आइए स्मार्ट बाजार

Jaipur Chandpol Bazar: अगर आपको कपड़े खरीदने है, किराना का सामान लेना है या फिर इलेक्ट्रॉनिक आयटम। सोने—चांदी के आभूषण लेने हो या ड्रायफ्रूट चाहिए तो चले आइए चांदपोल बाजार।

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कपड़े खरीदने हो या ड्रायफ्रूट, चले आइए स्मार्ट बाजार

कपड़े खरीदने हो या ड्रायफ्रूट, चले आइए स्मार्ट बाजार

जयपुर। अगर आपको कपड़े खरीदने है, किराना का सामान लेना है या फिर इलेक्ट्रॉनिक आयटम। सोने—चांदी के आभूषण लेने हो या ड्रायफ्रूट चाहिए तो चले आइए चांदपोल बाजार, यहां घर—गृहस्थी से जुड़े हर आयटम की दुकानें है, जहां आपको रिटेल से लेकर हॉलसेल दर पर आसानी से उपलब्ध है। राजधानी का पहला ऐसा बाजार जहां 465 दुकानों पर घर की जरूरत का हर सामान उपलब्ध है।

स्मार्ट सिटी मिशन के तहत बाजार दो साल पहले ही स्मार्ट बाजार बना। स्मार्ट रोड के साथ बाजार में हैरिटेज लाइटें यहां आने वाले पर्यटकों के साथ स्थानीय लोगों को आकर्षित करती है। वहीं डिवाइडर के बीच हरियाली घर—आंगन सा अहसास कराने को काफी है। बाजार में दुकानों को देखेंगे तो लगेगा जैसे घर—संसार यहीं है। बाजार में मिर्च मसाले से लेकर अनाज की दुकानें है। बच्चे, युवा, महिला, बालिकाओं से लेकर बुजुर्गों के हर वैरायटी के कपड़े का यहां कारोबार हो रहा है। कपड़ों की सैल में लोगों की भीड़ लगी रहती है। बाजार में जूतों—चप्पलों के अलावा सोने—चांदी के आभूषणों की भी दुकानें है। वहीं शादी—ब्याह का हर सामान यहां हॉलसेल दर पर मिलता है।

ड्रायफ्रूट का बड़ा बाजार
चांदपोल बाजार के लगते ही दीनानाथजी का रास्ता ड्रायफ्रूट की बड़ी मंडी है, जहां काजू—पिस्ता, बादाम, मुनक्का आदि की होलसेल से लेकर रिटेल की कई दुकानें है, जहां रोजाना करोड़ों का करोबार होता है। ड्रायफ्रूट मार्केट के नाम से बाजार की पहचान है।

कपड़ों का मार्केट
चांदपोल मुख्य बाजार के साथ खजाने वालों का रास्ता कपड़ों का मुख्य बाजार है, जहां लोगों को 50 रुपए से लेकर 10 हजार रुपए तक के कपड़े मिल जाएंगे। खजाने वालों का रास्ता भी कपड़ा बाजार के नाम से जाना पहचाना नाम है, वहीं मुख्य बाजार में भी कपड़े की कई दुकानें है, जहां दिनभर लोगों की भीड़ देखी जा सकती है।

चाय बाजार
चांदपोल बाजार में चाय की दुकानों के साथ मिश्र राजाजी का रास्ता में चाय मंडी है, जहां आसाम के बागानों की ताजा चाय लोगों को मिल जाती है। चाय का यहां होलसेल का मार्केट है।

आभूषण होते तैयार
चांदपोल बाजार से ज्वैलरी की दुकानें भी है तो वहीं बाजार से लगते जाट के कुंए का रास्ता में ज्वैलरी की बनाने का काम होता है। यहां कई दुकानों पर दिनभर टक—टक की आवाज सुनाई देती है। कारीगर दिनभर ज्वैलरी बनाने में मस्त रहते है।

मनिहारी मार्केट
चांदपोल बाजार में सुहाग व शृंगार के सामान भी आसानी से उपलब्ध है, वहीं बाजार से लगते नाहरगढ रोड मनिहारी मार्केट के नाम से प्रसिद्ध है, जहां महिलाओं को सौन्दर्यन के हर आयटम रिटेल व हॉलसेल में मिल जाते है।

बाजार की प्रमुख समस्याएं
बाजार में पार्किंग बड़ी समस्या है, जो न केवल यहां आने वाले ग्राहकों को परेशान करती है, बल्कि व्यापारियों के लिए भी गलफांस बनी हुुई है। हालांकि व्यापारी चाहते है यहां दो घंटे की पार्किंग व्यवस्था शुरू हो। बाजार में दिनभर गाड़ियां खड़ी रहती है, जिससे बाहर से आने वाले ग्राहकों का जगह नहीं मिल पाती है।
बरामदों में लाइटें बंद पड़ी है, जिससे बाजार में रात को अंधरेा रहता है। वहीं बाजार में हैरिटेज लाइटें भी बंद है।
बाजार में अतिक्रमण ने स्मार्ट बाजार की छवि धूमिल कर रखी है। यहां बारामदों के साथ मुख्य सड़क पर भी अतिक्रमण हो रहे है।
ई-रिक्शा वाहनों की भीड़
खरीदारी करने आए लोगों के लिए शौचालय और पानी की समस्या

पार्किंग बड़ी समस्या
चांदपोल बाजार व्यापार मंडल अध्यक्ष सुभाष गोयल ने बताया कि चांदपोल बाजार में कपड़े, किराना, तेल, चाय, इलेक्ट्रॉनिक, अनाज, मसाले सहित घर—गृहस्थी से जुडी हर वस्तु आसानी से उपलब्ध है। घर से लेकर शादी—ब्याह की खरीदारी यहां होती है। बाजार में पार्किंग की बड़ी समस्या है, वहीं लाइटें बंद पड़ी है, जिससे बरामदों में अंधेरा रहता है।

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ई-रिक्शा बनी परेशानी, बाजार जाम
चांदपोल बाजार व्यापार मंडल के संयुक्त सचिव कृष्ण अवतार अग्रवाल का कहना है कि बाजार में ई—रिक्शा और अतिक्रमण की बड़ी समस्या है। इससे बाजार में जाम की स्थिति बनी रहती है। अतिक्रमण बाजार में सड़क से लेकर बरामदों तक हो रहा है। लोगों को पैदल चलने में भी परेशानी होती है। बरामदों में लाइटें बंद है।