
शादाब अहमद/देवेंद्र सिंह राठौड़
जयपुर. पहलगाम आतंकी हमले से उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लाइन परियोजना के बनिहाल से कटरा तक ट्रेनों का संचालन शुरू होना टल गया है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार स्थिति सामान्य होने तक इस ड्रीम प्रोजेक्ट पर ब्रेक लग गया है। घाटी को रेलवे नेटवर्क से राष्ट्रीय स्तर पर जोड़ने के लिए ढाई दशक पहले शुरू हुए श्रीनगर-जम्मू-उधमपुर रेलवे प्रोजेक्ट का कार्य पूरा हो चुका है। अभी श्रीनगर से संगलदान तक रेल सेवा उपलब्ध है, बनिहाल से कटरा तक 111 किमी लंबी रेलवे लाइन का उद्घाटन इस माह प्रस्तावित था।
इस ट्रेन का राजस्थान के लोग भी काफी इंतजार देख रहे थे। बड़ी संख्या में राजस्थान के लोग कश्मीर घूमने जाते हैं। इसके अलावा राजस्थान के काफी संख्या में सैनिक कश्मीर इलाके में तैनात हैं। यह ट्रेन चलती तो राजस्थान से कश्मीर घूमने वालों का फायदा मिलता। वैष्णों देवी घूमने के बाद कश्मीर पर्यटन को जोडऩे का एक अच्छा माध्यम बन जाता। राजस्थान में समर वैकेशन भी मई में शुरू हो रहा है। कई लोगों ने वैष्णो देवी होते हुए कश्मीर घूमने का प्लान बनाया था। लेकिन रेल लाइन के उद्घाटन नहीं होने से इस बार समर वैकेशन में यह फायदा नहीं मिल पाएगा।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों ने पहलगाम हमले के बाद रेलवे लाइन की सुरक्षा को और मजबूत किया है। चिनाब व अंजी ब्रिज जैसे ऐतिहासिक पुल, सुरंग और अन्य स्थलों पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। सीसीटीवी कैमरों से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। रेल लाइन में 38 टनल्स और 13 किमी लंबाई के 931 पुलों की सुरक्षा चुनौती भरा काम है। सूत्रों का कहना है कि अब यहां करीब 4 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए जा रहे हैं।
रेलवे ने कश्मीर में तैनात अपने गैर-कश्मीरी कर्मचारियों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। उन्हें अकेले बाहर जाने से मना किया गया है। फिलहाल उद्घाटन की तारीख तय नहीं: उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लाइन का उद्घाटन 19 अप्रेल को पीएम नरेंद्र मोदी को करना था, लेकिन खराब मौसम से कार्यक्रम स्थगित हो गया। इसके बाद पहलगाम में आतंकी हमला हो गया। रेलवे सूत्रों ने बताया कि फिलहाल उद्घाटन कार्यक्रम की कोई तारीख तय नहीं हुई है।
कटरा-बनिहाल रेल लाइन का 111 किलोमीटर क्षेत्र दुर्गम हिमालयी भूभाग और गहरे नदी गड्ढों वाला है। इसमें 27 मुख्य टनल्स और 8 एस्केप टनल्स है। भारत की सबसे लंबी 12.75 किलोमीटर लंबी टनल सुंबर-अरपिंचला और सबसे ऊंचा चिनाब नदी का पुल भी इस लाइन पर स्थित है। दुर्गम क्षेत्रों के चलते इनकी सुरक्षा करना बहुत चुनौती वाला काम है, ऐसे में भरपूर सतर्कता बरती जा रही है।
Published on:
29 Apr 2025 11:52 am
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