
Photo: AI generated
हस्तेड़ा/रामपुरा-डाबड़ी। कोटपूतली-किशनगढ़ ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे और रिंग रोड के लिए भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। भूतेड़ा पंचायत भवन में उपखंड अधिकारी दिलीप सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में आयोजित जनसुनवाई में किसानों ने जमकर नारेबाजी की और अधिग्रहण निरस्त करने की मांग उठाई।
जनसुनवाई में जमीन अधिग्रहण की जद आने वाले प्रभावित किसानों ने उपखंड अधिकारी को आपत्ति पत्र सौंपा। इस दौरान किसानों ने "किसान एकता जिंदाबाद" और "ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस वे निरस्त करो" के नारे लगाए। साथ ही चेताया कि वे जान दे देंगे, लेकिन जमीन नहीं देंगे।
कुछ किसानों ने आपत्ति जताई कि परिवार में पांच भाई है और उनमें से एक की जमीन अधिग्रहण में आ रही है, लेकिन मुआवजा सभी भाइयों को मिलेगा। पिता की मृत्यु के बाद बंटवारा नहीं होने से ऐसी स्थिति बनी है। कार्यक्रम में गुडलिया, उड़ग्वार, शिव नगर, भूतेड़ा, हस्तेड़ा, विजयनगर और आस्टीकलां के किसान मौजूद रहे।
चौमूं तहसील किसान यूनियन के अध्यक्ष राधेश्याम बधाला, भगवानसहाय निठारवाल, रामनारायण बोचल्या, महेंद्र नेतड़, प्रभात निठारवाल, भूतेड़ा ग्राम पंचायत प्रशासक गौरीशंकर नेतड़, सुभाष बिजारणिया, किसान नेता सुंदरलाल भावरिया, गुडलिया ग्राम पंचायत प्रशासक गिरधारीलाल मीणा, सुखदेव कुमावत, भगवान सहाय कुमावत, भूराराम माडिया, गोविंदराम मीणा, मालीराम माडिया, रिछपाल मीणा, श्रीमाधोपुर तहसील के उपाध्यक्ष ज्ञानचंद मीणा व मालीराम यादव, ग्यारसीलाल मेहरिया भी उपस्थित रहे।
सूत्रों के अनुसार प्रस्तावित फोरलेन ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे कोटपूतली-बहरोड़, सीकर, जयपुर और अजमेर जिले से होकर गुजरेगा। 6000 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से तैयार होने वाला यह 208 किमी लंबा मार्ग बनाया जाएगा। सरकार का कहना है कि इस एक्सप्रेस-वे के निर्माण से सफर सुगम होगा, लेकिन जमीन अधिग्रहण से प्रभावित अधिकतर किसान इसका विरोध कर रहे हैं।
रिंग रोड के लिए अधिग्रहित होने वाली भूमि पर चार गुना मुआवजा की मांग को लेकर किसान एकजुट हो रहे हैं। रामपुरा डाबड़ी बस स्टैंड पर पूर्व सरपंच छीतरमल देवंदा की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें रामसिंह कलवानिया और भवानीसिंह टाटियावास, रामलाल ताखर व बोदूराम चोपड़ा रहे। किसानों ने सरकार से चार गुना मुआवजा देने, सड़क पर सर्विस रोड बनाने और 70 मीटर तक भूमि अधिग्रहण नहीं करने की मांग रखी।
रामसिंह कलवानिया ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो बड़ा जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। बैठक में जैस्याराम, सूर्यभान जाट, सोनू चोपड़ा, सीताराम पलसानिया, जवाहर ताखर दयाल देवंदा, रामकल्याण गोरा, नाथू जितरवाल, राकेश चौधरी, पंडित ताराचंद, राजेंद जोशी सहित कई किसान मौजूद रहे। किसानों ने बताया कि आसपास के अलावा अन्य क्षेत्रों के किसान भी आंदोलन में शामिल होंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम ज्ञापन भी तैयार किया गया।
Published on:
29 Apr 2026 07:01 am
बड़ी खबरें
View Allजयपुर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
