
सीकर में 'कुलिश वाटिका' की स्थापना, पत्रिका फोटो
Karpoor Chandra Kulish Birth Centenary: पत्रकारिता के स्तंभ और राजस्थान पत्रिका समूह के संस्थापक श्रद्धेय कर्पूर चन्द्र कुलिश जी की जन्मशती के अवसर पर राजस्थान से लेकर देश के विभिन्न हिस्सों में उनके योगदान को स्मरण किया गया। कहीं उनके नाम पर संस्थान, उद्यान और कक्षों का नामकरण हुआ तो कहीं नई शैक्षणिक व सांस्कृतिक पहल के प्रस्ताव लिए गए। इन आयोजनों में कुलिश जी के विचारों, मूल्यों और समाजसेवा की परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।
जयपुर स्थित जगदगुरु रामानंदाचार्य राजस्थान संस्कृत विवि में दर्शन की स्थापना का प्रस्ताव भेजा है। जल्द ही सिंडिकेट बैठक में पीठ स्थापना का निर्णय लिया जाएगा। वहीं, जयपुर में कुलिश स्मृति वन प्रकृति प्रेमियों की पसंदीदा जगह है।
डूंगरपुर के गोवर्धन विद्या विहार संस्कृत शिक्षण संस्थान, खडगड़ा में वाचनालय का शुभारंभ किया गया। गौरतलब है कि वर्ष 1976 में कुलिश जी संस्थान में आए थे और उसका उल्लेख उन्होंने अपनी कृति "मैं देखता चला गया" में भी किया है।
बांसवाड़ा में गोविन्द गुरु जनजातीय बांसवाड़ा विवि बांसवाड़ा की एकेडमिक काउंसिल की बैठक में निर्माणाधीन बिल्डिंग में एक कक्ष का नामकरण कुलिश जी के नाम से करने का प्रस्ताव किया है जिसे जल्द ही बोर्ड ऑफ मैनेजमेंट की मीटिंग में स्वीकृति के लिए रखा जाएगा।
नागौर में मेला मैदान में पशुपालन विकसित किए गए उद्यान को श्रद्धेय कर्पूर चन्द्र कुलिश जी के नाम पर नामकरण करने का प्रस्ताव है। विभाग से अनुमति मिलने के बाद यह कार्य करवाया जाएगा।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित लाइब्रेरी के भीतर एक विशेष ब्लॉक कर्पूर चन्द्र कुलिश जी के नाम पर बनाया जाएगा, जहां उनसे जुड़ा साहित्य और उनके जीवन से संबंधित सामग्री उपलब्ध होगी।
सीकर जिले के खूड़ी बड़ी स्थित शहीद नेमीचंद राजकीय बालिका उच्च 11 मार्च को विकसित वाटिका का नाम 'कुलिश वाटिका' रखा गया। यह पहल विद्यालय विकास समिति और मनसुख रणवा मनु स्मृति संस्थान की ओर से की गई।
कोटा में सुभाष नगर स्थित पार्क का नाम 'कर्पूर चन्द्र कुलिश स्मृति उद्यान रखने के आदेश 20 मार्च 2026 को जारी किए गए। यह निर्णय संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में लिया गया, जो विधायक संदीप शर्मा की अनुशंसा पर आधारित था।
जोधपुर शहर के गौरव पथ पर कुलिश जी की प्रतिमा स्थापित करने के लिए प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है, जो जल्द ही साकार रूप लेगी।
बीकानेर इंजीनियरिंग कॉलेज में खेल कक्ष का नामकरण कुलिश जी के नाम पर किया गया। साथ ही यहां उनकी जीवनी प्रदर्शित करने की भी घोषणा की गई, ताकि विद्यार्थी प्रेरणा ले सकें।
हनुमानगढ़: हनुमानगढ़ की एसकेडी यूनिवर्सिटी में सभागार या लाइब्रेरी का नाम कुलिश जी के नाम पर रखने का प्रस्ताव है।
Updated on:
21 Mar 2026 08:36 am
Published on:
21 Mar 2026 08:31 am
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