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राजस्थान यूनिवर्सिटी में देर रात कुलगुरू आवास का घेराव, बुलानी पड़ी पुलिस, 200 से ज्यादा छात्रों ने लगाए नारे

राजस्थान यूनिवर्सिटी में देर रात कुलगुरू आवास का घेराव हुआ। विश्वविद्यालय के बॉयज हॉस्टलों से सैकड़ों छात्र एकजुट होकर कुलगुरू आवास पर पहुंच गए।

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वायरल वीडियो से बनाई गई तस्वीर

वायरल वीडियो से बनाई गई तस्वीर

जयपुर। राजस्थान यूनिवर्सिटी में देर रात कुलगुरू आवास का घेराव हुआ। विश्वविद्यालय के बॉयज हॉस्टलों से सैकड़ों छात्र एकजुट होकर कुलगुरू आवास पर पहुंच गए। जिन्होंने हॉस्टलों में गंदगी को लेकर आवास का घेराव किया। करीब 200 से अधिक छात्र देर रात लगभग 12 बजे कुलपति आवास के बाहर बैठ गए और जोर से नारेबाजी करने लगे।

अंबेडकर हॉस्टल, अरावली हॉस्टल, डीबीएन हॉस्टल, एच जे भाभा हॉस्टल, जे सी बॉस हॉस्टल और सी वी रमन हॉस्टल के छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। इन सभी हॉस्टलों के छात्र गंदगी और अव्यवस्था से नाराज़ होकर देर रात विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। मौके पर छात्रों ने नारे लगाए—“जब जब वीसी डरती है, पुलिस को आगे करती है।”

छात्रों ने आरोप लगाया कि हॉस्टलों में पिछले कई दिनों से सफाई नहीं हो रही है। जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं, शौचालयों की हालत खराब है और रहने योग्य माहौल नहीं बचा है। छात्रों का कहना है कि कई बार विश्वविद्यालय प्रशासन को शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जब शिकायतों की लगातार अनदेखी हुई तो छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और वे देर रात अचानक कुलपति आवास की ओर कूच कर गए।

छात्रों की संख्या बढ़ती देखकर मौके पर तनावपूर्ण माहौल बन गया। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। थोड़ी ही देर में बड़ी संख्या में पुलिस जाप्ता कुलगुरू आवास के बाहर तैनात कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर माहौल को शांत करने की कोशिश की और उन्हें समझाने का प्रयास किया कि उनकी मांगों को उच्च स्तर पर रखा जाएगा।

हालांकि छात्रों ने साफ कहा कि केवल आश्वासन से बात नहीं बनेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हॉस्टलों में सफाई व्यवस्था तुरंत बहाल नहीं की गई और स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। छात्रों का कहना है कि हॉस्टल में रह रहे हजारों विद्यार्थियों के स्वास्थ्य पर गंदगी का सीधा असर पड़ रहा है, लेकिन प्रशासन इस ओर गंभीरता नहीं दिखा रहा।

वहीं इस पूरे मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने चुप्पी साध ली है। पत्रिका ने कुलगुरू अल्पना कटेजा से इस मामले में प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया और मामले पर चुप्पी साधे रखी।