मप्र, छग में ऋण माफी के बाद राजस्थान के किसानों को इंतजार

अब अल्पकालीन ऋण पर अटकी, 33 लाख किसानों का व्यावसायिक बैंकों से लोन 18 लाख से अधिक किसानों का ऋण सहकारी क्षेत्र के बैंकों से

By: Mridula Sharma

Published: 18 Dec 2018, 10:15 AM IST

जयपुर. कर्नाटक, पंजाब और अब मध्यप्रदेश तथा छत्तीसगढ़ में हुई कर्ज माफ से साफ है कि प्रदेश में भी अल्पकालीन कृषि ऋण ही माफ होंगे। तीन राज्यों की तरह यहां भी दो लाख तक के ही ऋण माफ होने की सम्भावना है। प्रदेश में अल्पकालीन ऋ ण योजना के दायरे में 47 लाख किसान आते हैं। इन किसानों पर करीब 77 हजार करोड़ रुपए का कर्ज बाकी है।

किसानों के लिए कई तरह की लोन स्कीम राष्ट्रीयकृत बैंक और को ऑपरेटिव बैंकों की ओर से संचालित है। प्रदेश में कृषि आधारित ऋ ण योजनाओं के लिए स्टेट लेवल कमेटी बनाई गई है। कमेटी की मार्च 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक 58 लाख 84 हजार से अधिक किसानों ने विभिन्न तरह की स्कीम में लोन ले रखा है। करीब 33 लाख किसानों ने तो व्यावसायिक बैंकों से लोन लिया हुआ है। इनमें से 21 लाख से अधिक किसानों ने सार्वजनिक बैंकों से अल्पकालीन ऋण ले रखा है। 18 लाख सहकारी, 8 लाख क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों से लोन ले रखा है। दीर्घ कालीन ऋ ण लेने वाले किसानों की संख्या ग्यारह लाख से अधिक है।

बैंकों से मांगी जानकारी
सरकार ने कर्ज की जानकारी जुटाना चार दिन पहले ही शुरू कर दिया। अन्य बैंकों की जानकारी प्लानिंग और डीओआइटी डिपार्टमेंट ने राजस्थान स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी से मांगी है। कमेटी ने यह जानकारी शनिवार को ही दे दी।

यह होता है अल्पकालीन ऋण
अल्पकालीन ऋण किसान को फसल बुआई के लिए दिया जाता है। व्यावसायिक बैंक लोन एक साल के लिए देती है। इस पर किसान से चार प्रतिशत ब्याज लिया जाता है। तीन प्रतिशत ब्याज अनुदान भारत सरकार देती है। इसी तरह कोऑपरेटिव बैंक अल्पकालीन फसली ऋण छह माह के लिए देती है। यह लोन ब्याज मुक्त मिलता है। सहकारी बैंक को सात प्रतिशत ब्याज का पुनर्भरण सरकार करती है। तीन प्रतिशत केन्द्र और चार प्रतिशत राज्य सरकार वहन करती है।

Mridula Sharma Reporting
और पढ़े

राजस्थान पत्रिका लाइव टीवी

हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned