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भाजपा के गले की फांस बनी राजस्थान की नौ सीटें

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भाजपा के गले की फांस बनी राजस्थान की नौ सीटें

अरविन्द शक्तावत/ जयपुर। भाजपा ने 16 लोकसभा सीटों पर तो प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं, लेकिन विवाद के चलते 9 सीटों पर प्रत्याशी का ऐलान रोका गया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने इन सीटों पर फिर से सर्वे करवाने के निर्देश दिए हैं। सर्वे शुरू भी हो चुका है और एक—दो दिन में रिपोर्ट शाह के पास चली जाएगी। सर्वे शाह अपने स्तर पर करवा रहे हैं, प्रदेश इकाई को सर्वे से दूर रखा गया है।

सर्वे में सीट वार जिताऊ उम्मीदवारों की जानकारी के साथ ही यह जानकारी भी ली जा रही है कि किस सीट पर कौन से दावेदार को लेकर पार्टी में विरोध है और कौन—कौन विरोध कर रहे हैं। विवाद का असर सिर्फ पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच ही है या जनता के बीच भी है। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में शाह के साथ जो बैठक हुई थी, उसमें इन 9 सीटों के विवाद और पैनल को लेकर भी चर्चा हुई थी। इस दौरान सामने आया था कि कुछ सीटों पर तो भारी विवाद है और कुछ सीटों पर जिताऊ उम्मीदवार नहीं है। ऐसे में क्या वर्तमान सांसद को ही फिर मौका दिया जाए या फिर नया प्रत्याशी लाया जाए। इस चर्चा के बाद पार्टी ने दुबारा सर्वे का निर्णय किया था।


इन लोकसभा सीटों पर भारी विवाद
नागौर : राजस्थान कोटे के चार मंत्रियों की सीट पर फिर उन्हीं को मौका दिया है, लेकिन नागौर से केन्द्रीय मंत्री सीआर चौधरी की सीट पर प्रत्याशी की घोषणा नहीं की गई है। यहां से पूर्व कैबिनेट मंत्री युनूस खान समेत ७ पूर्व विधायकों ने बगावत कर दी है।


चूरू : यहां सांसद राहुल कस्वां का विरोध बढ़ गया है। उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड़, जिला प्रमुख हर लाल सहारण समेत विधानसभा में चुनाव लडऩे वाले प्रत्याशी विरोध में खड़े हैं। प्रकाश जावड़ेकर इस मामले को सुलझाने के लिए राजेन्द्र राठौड़ से कई दौर की वार्ता कर चुके हैं। राठौड़ को मनाने के लिए बड़े नेताओं को भी जिम्मेदारी दी गई है।


दौसा : यहां किरोड़ी लाल मीणा और ओम प्रकाश हुड़ला का विवाद चरम पर है और दोनों एक दूसरे के खिलाफ खड़े हैं। पार्टी बीच का रास्ता निकालने में जुटी है। किरोड़ी के विरोध के चलते ओम प्रकाश हुड़ला को पार्टी विधानसभा में भी टिकट नहीं दे पाई थी। हुड़ला निर्दलीय चुनाव लड़े और जीत गए।


इन पर तलाशे जा रहे मजबूत प्रत्याशी
पार्टी को छह सीटों पर मजबूत प्रत्याशियों की तलाश है। इनमें अलवर, भरतपुर, करौली—धौलपुर, बांसवाड़ा, राजसमंद, बाड़मेर शामिल हैं। यहां पार्टी ने पैनल तो तैयार कर लिए थे, लेकिन मजबूत प्रत्याशी के लिए दुबारा सर्वे करवाया जा रहा है।