
जयपुर. ईरान-इजराइल-यूएस युद्ध के चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज लगभग बंद हो गया है। भारत का LPG आयात आधा घट गया। घरेलू 14.2 किलो सिलेंडर की कीमत 60 रुपए बढ़ गई है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर और महंगे हो गए। पैनिक बुकिंग, लंबी कतारें और घरेलू सिलेंडर का होटल-ठेलों में दुरुपयोग आम हो गया। आम आदमी की रसोई पर दोहरी मार पड़ रही है। इसी संकट के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब मजबूत सहारा बन रहा है।
ईरान पर युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से LPG टैंकरों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ। भारत अपनी जरूरत का करीब 60% LPG आयात करता है, जिसमें 90% हिस्सा इसी रूट से आता है। नतीजा — मार्च 2026 में आयात लगभग 46-50% कम हो गया। सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी, लेकिन होटल, ढाबे और छोटे ठेले-ठाले संकट में फंस गए।
AI अब संकट प्रबंधन का सबसे powerful टूल साबित हो रहा है। डीप लर्निंग मॉडल ऐतिहासिक बुकिंग डेटा, त्योहार, मौसम, जियोपॉलिटिकल रिस्क और रीयल-टाइम पैटर्न का विश्लेषण करके सटीक मांग का अनुमान लगा रहे हैं। इससे पेट्रोलियम मंत्रालय और ऑयल कंपनियां पहले से प्रोडक्शन बढ़ा रही हैं और अमरीका व अन्य देशों से वैकल्पिक आयात की प्लानिंग कर रही हैं।
AI रीयल-टाइम ट्रैकिंग से टैंकरों की लोकेशन, रूट रिस्क और देरी का पूर्वानुमान लगाता है। उपलब्ध स्टॉक को सही जगह पर प्राथमिकता के आधार पर पहुंचाया जा रहा है। इससे वेस्ट कम हो रहा है और घरेलू सप्लाई को बेहतर तरीके से मैनेज किया जा रहा है।
घरेलू सब्सिडी वाले सिलेंडर का होटल-रेस्तरां में गलत इस्तेमाल रोकने में AI मॉडल बेहद प्रभावी साबित हो रहे हैं। मशीन लर्निंग से डाइवर्शन का पता लगाया जा रहा है, जिससे छापेमारी ज्यादा लक्षित और सफल हो रही है। Ujjwala योजना में भी AI सही परिवारों को टारगेट करके अनावश्यक खपत रोक रहा है।
स्मार्ट किचन ऐप्स और एनर्जी मॉनिटरिंग सिस्टम यूजर्स को बताते हैं कि कौन-सी रेसिपी में कितनी गैस लेगी। इंडक्शन कुकटॉप, मल्टी-कुकर और सोलर कुकर में AI सुझावों से बैच कुकिंग और ऑप्टिमल यूज बढ़ रहा है। कई परिवार अब AI आधारित टिप्स से प्रेशर कुकर, छोटी फ्लेम और वन-पॉट मील अपना रहे हैं।
AI की मदद से संकट कुछ हद तक काबू में आ रहा है, लेकिन चुनौतियां बाकी हैं। फेक न्यूज और AI जनरेटेड डीपफेक वीडियो (जैसे PM के फ्री LPG वाले) से अफवाहें फैल रही हैं। सरकार को अब AI को बड़े स्तर पर अपनाकर अर्ली वार्निंग सिस्टम विकसित करना चाहिए। डोमेस्टिक प्रोडक्शन बढ़ाने, PNG विस्तार और इलेक्ट्रिक कुकिंग को प्रमोट करने में भी AI डेटा एनालिटिक्स की अहम भूमिका है।
LPG संकट भू-राजनीतिक है, लेकिन AI ने इसे प्रबंधित करने में मजबूत मदद की है। डिमांड फोरकास्टिंग, सप्लाई ऑप्टिमाइजेशन और स्मार्ट अलोकेशन के जरिए AI आम आदमी की परेशानी कम कर रहा है। लंबे समय में AI-ड्रिवन एनर्जी सिक्योरिटी सिस्टम भारत को आयात पर निर्भरता घटाने में बड़ी भूमिका निभा सकता है।सरकार को AI को और मजबूती से अपनाना चाहिए, ताकि रसोई का संकट भविष्य में न दोहराए।
Updated on:
28 Mar 2026 03:26 pm
Published on:
28 Mar 2026 03:26 pm
