
Govind Singh Dotasara Attack Madan Dilawar : राजस्थान में अंग्रेजी मीडियम स्कूलों के रिव्यू की तैयारी हो रही है। इसके लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। इसके बाद से राजस्थान की सियासत गरमा गई। आरोपों व प्रत्यारोपों का दौर शुरू हो गया है। राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर बरसते हुए PCC चीफ गोविंद डोटासरा ने कहा भाजपा सरकार ने 1 वर्ष में षड्यंत्रपूर्वक ना तो अंग्रेजी माध्यम स्कूलों को शिक्षक दिए और ना ही इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए बजट दिया। शिक्षा मंत्री ने पहले दिन से निजी स्कूलों को लाभ पहुंचाने के लिए अंग्रेजी माध्यम स्कूलों को बंद करने का भ्रम फैलाते रहे। बावजूद इसके अंग्रेजी माध्यम स्कूलों का परिणाम श्रेष्ठ रहा। आज प्रदेश में 7 लाख बच्चे इन स्कूलों में पढ़ रहे हैं, कहीं इनका विरोध नहीं है तो फिर सरकार बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ क्यों कर रही है?
जयपुर में PCC चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा की भजनलाल सरकार व उसके शिक्षा मंत्री मदन दिलावर पर जमकर भड़ास निकाली। मदन दिलावर पर निशाना साधते हुए गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा मैं पूछना चाहता हूं कि 12 महीने में आपको क्या समस्या आई। अभी तक आपने 13 हजार 552 शिक्षक नहीं दिए। 3,640 क्लारिकल स्टॉफ की जरूरत है, नहीं दिया। बावजूद इसके सेकेंडरी बोर्ड की परीक्षा में हिन्दी मीडियम वाले बच्चों से भी बहुत अच्छा रिजल्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों के बच्चों का रहा।
गोविंद सिंह डोटासरा ने चुनौती देते हुए कहा पूरे प्रदेश में कहीं से भी यह शिकायत नहीं आई कि हमारे यह रिजल्ट अच्छा नहीं रहा है। अत: इसे बंद कर दीजिए। कहीं किसी गांव से कोई ज्ञापन किसी मंत्री, संतरी या मुख्यमंत्री को दिया गया हो कि हमारे यहां से अग्रेजी माध्यम स्कूल को बंद कर दिया जाए तो मुझे बता दीजिए। पर ऐसा कहीं नही मिला।
सरकार को घेरते हुए गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि शिक्षक नहीं देना, इन्फ्रास्ट्रक्चर का पैसा नहीं देना। सरकार का इरादा ठीक नजर नहीं आता है। यह कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस पार्टी की सरकार की बहुत ही अच्छी शुरूआत थी।
गोविंद सिंह डोटासरा बताया कि मैं जब शिक्षा मंत्री था तो मैंने उस वक्त के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से निवेदन किया था कि जनता की यह मांग है कि गरीब का बेटा 70 साल की आजादी के बाद अंग्रेजी सरकारी स्कूल में क्यों नहीं पढ़ सकता है। इस पर उस वक्त के मुख्यमंत्री ने इस बात की इजाजत दी।
गोविंद सिंह डोटासरा बताया कि इस बात की अनुमति मिलने के बाद हमने इसके नियम बना दिए, कैडर बना दिए, नई नियुक्ति कर दी। कम्प्यूटर, अन्वेषक की भर्ती कर दी। सब कुछ कर दिया। केवल इनको टीचर को देना था। साथ ही और इसका सुदृढ़ीकरण करना था। इसके बाद अंग्रेजी स्कूलों में नामांकन की संख्या 10 लाख से उपर तक जाती। मेरा दावा है।
गोविंद सिंह डोटासरा सवाल किया कि शिक्षा मंत्री, आपको किसने निर्देश दे रखा है कि अनर्गल बयानबाजी करेंगे। शिक्षकों का अपमान करेंगे। निजी स्कूलों में थोथे भाषण देते हैं कि मैं निजी स्कूलों को बहुत पसंद करता हूं। निजी स्कूलों को बेजा फायदा देने का षड़यंत्र रच रहे हैं। इनकी इस सोच की वजह से इस साल सरकारी स्कूलों में नामांकन 1.75 तक घट गया है।
गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा जनता के साथ कंधे से कंधा मिलकर संघर्ष करेंगे। शिक्षा मंत्री के खिलाफ सड़क और सदन दोनों जगह आवाज बुलंद करेंगे। इनकी बेइमानी को उजागर करेंगे।
Updated on:
4 Jan 2025, 6:51 PM IST
Published on:
4 Jan 2025, 5:39 PM IST
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