
नकली खाद बनाने वाली किशनगढ़ की 13 फर्मों के लाइसेंस रद्द (Patrika File Photo)
जयपुर: कृषि विभाग ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए किशनगढ़ (अजमेर) क्षेत्र की 13 खाद बनाने वाली फैक्ट्रियों और फर्मों के लाइसेंस निरस्त कर दिए। इन सभी के लाइसेंस पहले 25 जून को 14 दिनों के लिए निलंबित किए गए थे।
कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीना के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई में खाद के 75 से अधिक नमूने 16 फैक्ट्रियों से लिए गए थे। जांच रिपोर्ट में ये नमूने अमानक गुणवत्ता के पाए गए। इसके बाद इन फैक्ट्रियों को सीज कर पुलिस थानों में मुकदमे भी दर्ज कराए गए थे।
-किशनगढ़ के उदयपुर कलां स्थित श्री गोवर्धन एग्रो
-भूमि एग्रो इंडस्ट्रीज
-राघव एग्रो इण्डस्ट्रीज
-मंगलदीप बायो फर्टिलाइजर्स एण्ड केमिकल्स टीकावड़ा
-अतिशय बायोटेक पाटन
-ट्रॉपीकल एग्रो सिस्टम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड तिलोनिया
-दिव्या एग्रोफर्ट इण्डस्ट्रीज नलू
-ग्रीन एग्रो इण्डस्ट्रीज बांदरसिंदरी
शंभू बायो फर्टिलाइजर चौसला
-श्री एग्रो अल्मास इंदोली
-राधिका एग्रो इण्डर्स्ट्रीज डींडवाड़ा
-एक्वा एग्री प्रोसेसिंग पाटन
-श्रीनाथ एग्रो इण्डस्ट्रीज टीकावड़ा
इन पर आरोप है कि ये फर्में अमानक और निम्न गुणवत्ता वाली खाद तैयार कर किसानों को बेच रही थीं, जिससे फसलों की उपज और मिट्टी की सेहत दोनों को नुकसान पहुंचता है। कृषि मंत्री किरोड़ीलाल मीना ने साफ कहा कि किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं होगा और अमानक खाद बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
इसी के साथ मंगलवार को कीटनाशक बनाने और बेचने वाली तीन फर्मों के लाइसेंस भी निरस्त किए गए। इनमें चौमूं के डेहरा स्थित उदित ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड, श्रीराम कृषि रसायन और जयपुर स्थित इंडोफिल इंडस्ट्रीज शामिल हैं। इनसे लिए गए कीटनाशक पदार्थों के नमूने भी अमानक पाए गए थे। विभाग ने इनके खिलाफ भी मुकदमे दर्ज कराए हैं और कड़ी निगरानी रखने की बात कही है।
Updated on:
09 Jul 2025 08:36 am
Published on:
09 Jul 2025 08:32 am
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