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शहर में कई जगह शोपीस बनकर रह गई है ट्रैफिक लाइट्स

मानसरोवर में लाइट्स में सिर्फ जलती है पीली बत्ती

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traffic light

जयपुर . मानसरोवर अव्यवस्थित ट्रैफिक व्यवस्था की समस्या से आमजन को निजात दिलाने के लिए मानसरोवर में लाखों रुपए खर्च कर ट्रैफिक लाइट्स लगवाई गई। जो शुरू के कुछ महीने तो चली, लेकिन बाद में करीब दो साल से खराब पड़ी हैं। इन लाइट्स में सिर्फ पीली बत्ती जलती है। ग्रीन और रेड सिग्नल का तो उपयोग ही नहीं होता है। इस वजह से यहां आए दिन हादसे होते रहते हैं। लोगों से जब इस बारे में बात की गई तो उनकी ये प्रतिक्रियाएँ सामने आई।

स्थानीय निवासी आदित्य शर्मा ने कहा की बंद पड़े ट्रैफिक सिग्नल से आवागमन बाधित होता है ओर लोगों को परेशानी का सामाना करना पड़ता है। कई बार तो हालात खराब हो जाते हैं। सुबह और शाम के समय तो जाम की स्थिति बन जाती है। आमजन को हो रही दुविधा को प्रशासन नहीं समझ पा रहा है।

मानसरोवर निवासी मदन चौधरी का कहना है कीलाखों रुपए खर्च करने के बाद भी हालात जस के तस है। लोग परेशान हो रहे है। कभी जाम लग लग जाता है तो ऑफिस के लिए लेट होते हैं तो कभी घर पहुंचने में। ट्रैफिक सिग्नल शोपिस बने हुए है। लोगों की सुविधा के लिए लगाए गए ये सिग्नल दुविधा के कारण बन गए हैं।

वहीं अनामिका ने कहा की ट्रैफिक सिग्नल से यातायात व्यवस्था बनी रहती है। लेकिन बंद सिग्नल के कारण सभी और वाहनों की आवाजाही से हादसों का डर बना रहता है। सुबह और शाम के टाइम ज्यादा भीड़ रहती है। विभाग को इस ओर ध्यान देना चाहिए। सिग्नल्स को प्रॉपर अपडेट करना चाहिए।

अमनदीप ने बताया की ट्रैफिक सिग्नल के साथ ही यहां पार्किंग की भी समस्या है सडक़ पर जगह जगह बेतरतीब खड़े वाहन भी हादसों के कारण बनते हैं अभी हाल ही में मानसरोवर प्लाजा के सामने कार के ऊपर कार चढऩे का हादसा हो चुका है। लेकिन प्रशासन की नींद नहीं खुली।