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पिता ने किया शहीद बेटे को अंतिम सेल्यूट, मासूम ने दी मुखाग्नि,भाई की सूनी कलाई को देखकर रो पड़ी बहना

आतंकी के हमले में शहीद हुए मालीगांव के लाल राजेन्द्र भाम्बू का शनिवार को नम आंखों से राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
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जयपुर

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kamlesh sharma

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Updated: 13 Aug 2022, 7:44 PM IST

martyr rajendra bhambu funeral in jhunjhunu

झुंझुनूं। आतंकी के हमले में शहीद हुए मालीगांव के लाल राजेन्द्र भाम्बू का शनिवार को नम आंखों से राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। शहीद की प्राथिव देह देर रात चिड़ावा पहुंची थीं। वहां से शनिवार सुबह प्राथिव देह को उनके गांव लाया गया। रास्ते में जगह-जगह लोगों ने श्रद्धांजलि दी। शहीद को उनके 11 साल के पुत्र अंशुल ने मुखाग्नि दी।

पिता ने कहा... गर्व है लाल पर
अंतेष्टि के दौरान शहीद के पिता सेवानिवृत्त सूबेदार बदरूराम भाम्बू ने बेटे को अंतिम सेल्यूट किया तो हर किसी की आंखें नम हो गई। पिता ने कहा 'मुझे गर्व है मेरे लाल पर जिसने सरहद की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।'

पत्नी बेसुध, मां का रो-रो कर बुरा हाल
पति की पार्थिव देह को तिरंगे में लिपटी देखकर वीरांगना तारामणि बेसुध हो गई। वहीं शहीद की मां का भी रो रोकर बुरा हाल था। दृश्य देख शहीद के तीनों बच्चें भी बिलख पड़े। बेटा अंशुल सवाल पूछ रहा था कि पापा को क्या हो गया।

यह भी पढ़ें : शहीद राजेन्द्र भाम्बू अमर रहे के नारों के साथ अंतिम संस्कार, 11 साल के बेटे अंशुल ने दी मुखाग्नि

बेटी बोली... पापा आपने वादा क्यों नहीं निभाया
बेटी प्रिया ने पिता की पार्थिव देह को जैसे ही देखा छोटी बहन से लिपटकर रोने लगी। वह कह रही थी कि पापा आप तो मेरी शादी में जल्दी आने की कहकर गए थे..., आप तो बोले थे मेरी परी बिटिया की शादी धूमधाम से करूंगा..., आप ने अपना वायदा क्यों नहीं निभाया।

भाई की सूनी कलाई को देखकर रो पड़ी बहना
शहीद राजेन्द्र की बहन मुकेश ने जब अपने भाई शहीद राजेन्द्र की सूनी कलाई को देखा तो रो पड़ी। बहन मुकेश ने बताया कि भैया रक्षाबंधन पर अगर ड्यूटी पर रहते हैं तो वह उन्हें डाक से राखी भेजती है। राखी पहुंचने के बाद भाई राजेन्द्र अपनी बहन को फोन करते हैं। इस बार भी बहन मुकेश ने डाक से राखी भेजी थी लेकिन उसे नहीं पता था कि यह राखी उसके भैया राजेन्द्र की कलाई पर नहीं बंधेगी।